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जम्मू कश्मीर: प्रदेश में महज 22 स्थानीय आतंकी सक्रिय, अब विदेशी दहशतगर्दों से निपटने की तैयारी- डीजीपी

Sun, 02 Jun 2024 01:34 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

डीजीपी ने कहा कि विदेशी आतंकवाद एक चुनौती के रूप में उभर रहा है। विदेशी आतंकी असहाय नागरिकों को निशाना बनाते हैं। उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 
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सुरक्षाबल (फाइल) - फोटो : एजेंसी
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विस्तार
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जम्मू कश्मीर पुलिस प्रमुख आरआर स्वैन ने प्रदेश में सक्रिय स्थानीय आतंकवादियों की संख्या अब केवल 22 रह गई है। जम्मू में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद का केंद्रबिंदु अब स्थानीय आतंकवाद से विदेशी आतंकवाद की ओर स्थानांतरित हो गया है। अब सक्रीय आतंकियों की संख्या बहुत कम रह गई है।

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हालांकि, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने कहा कि विदेशी आतंकवाद एक चुनौती के रूप में उभर रहा है। विदेशी आतंकी असहाय नागरिकों को निशाना बनाते हैं। उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ने कहा कि करीब चार-पांच साल पहले सक्रिय स्थानीय आतंकवादियों की संख्या 150 से 200 के बीच थी, जो अब घटकर केवल 20-22 रह गई है।

उन्होंने कहा, 'वर्तमान में सुरक्षा चुनौतियां मुख्य रूप से बाहरी हैं। हालांकि विदेशी तत्व पहले भी वहां मौजूद थे, लेकिन वर्तमान में आतंकवाद का फोकस स्थानीय से हटकर विदेशी आतंकवाद की ओर हो गया है, क्योंकि हमारे यहां बहुत कम स्थानीय उग्रवादी सक्रिय हैं।'
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डीजीपी ने कहा कि कई बार वे सुरक्षा बलों से भी भिड़ जाते हैं। उनमें से अधिकांश को जेलों से वापस लाया जाता है और सीमा से घुसपैठ कर लोगों को मारने का काम सौंपा जाता है, जिन्हें वे बिल्कुल नहीं जानते।" उन्होंने कहा कि पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां विदेशी आतंकवादियों के तौर-तरीकों को समझ रही हैं। आरआर स्वैन ने कहा, 'हम उन्हें बहुत जल्द पूरी तरह से विफल कर देंगे।'

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों के लिए पुलिस ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश में विभिन्न मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों के जवानों को लाने-ले जाने और तैनात करने के लिए 6000 वाहन किराए पर लिए थे।

उन्होंने कहा, 'मतदान केंद्रों, मतदान सामग्री की सुरक्षा और सामग्री और लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना एक बड़ा काम था। हम लोकसभा चुनावों में लोगों की भारी भागीदारी देखकर खुश हैं।'

पुलिस ने सेना और केंद्रीय बलों जैसी अन्य एजेंसियों के लिए प्रमुख समन्वय सुरक्षा एजेंसी के रूप में काम किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल उम्मीदवारों के लिए शांतिपूर्ण प्रचार माहौल सुनिश्चित किया गया।

डीजीपी ने कहा, 'लोकसभा चुनावों में लोगों की भागीदारी ने एक अच्छी सुरक्षा व्यवस्था की नींव रखी है।' 4 जून को मतगणना की व्यवस्था के बारे में डीजीपी स्वैन ने कहा कि प्रत्येक मतगणना केंद्र सीसीटीवी की 24×7 निगरानी में है। उन्होंने कहा, 'मतगणना केंद्र घोषित किए गए स्थानों पर कम से कम दो कंपनियां सुरक्षा बल के साथ तैनात हैं।'

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