डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि घाटी के युवा अब प्रतियोगी परीक्षाओं और खेलों में हिस्सा लेकर करियर बना रहे हैं। कश्मीरवासी अब शांति में योगदान दे रहे हैं। इसलिए आतंकी घटनाओं पर लगाम लगी है।
जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है, लेकिन तेजी से कम हो रहा है। ड्रोन के माध्यम से प्रदेश में हथियार व नकदी फेंकने और नशे की तस्करी करने के दुश्मन के मंसूबों को नाकाम करने में पुलिस को सफलता मिल रही है।
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यह बातें पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने वीरवार को बांदीपोरा के सोनावरी में हुए एक समारोह में कही। साथ ही बताया कि श्रीनगर समेत कश्मीर के अन्य हिस्सों से कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, लेकिन ईद की नमाज की अनुमति का फैसला संभागीय प्रशासन की ओर से लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि घाटी के युवा अब प्रतियोगी परीक्षाओं और खेलों में हिस्सा लेकर करियर बना रहे हैं। कश्मीरवासी अब शांति में योगदान दे रहे हैं। पुलिस ने जम्मू-कश्मीर में नशीली दवाओं के खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है।
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केंद्र शासित प्रदेश में नशा मुक्ति केंद्र खोले गए हैं। इस मौके पर उन्होंने पाकिस्तान, उसकी एजेंसियों, संगठनों और पाकिस्तान समर्थक व्यक्तियों की साजिशों को समझने के लिए घाटी के लोगों का आभार व्यक्त किया।