जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा है कि दहशतगर्दी के नाम पर बनाई गईं अवैध इमारतें और संपत्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसी संपत्तियां या तो सील की जा रही हैं या फिर कानूनी प्रावधानों के तहत गिराई जाएंगी।
पिछले दिनों आतंकी नेंगरू का मकान गिराए जाने के सवाल पर सिंह ने कहा, कोई भी संस्थान या व्यक्ति दहशतगर्दी के साथ चलकर ज्यादा देर नहीं बच सकता। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। जो बचे हैं, उन्हें भी परिणाम भुगतने होंगे।
कठुआ में क्रिकेट प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में पहुंचे डीजीपी ने कहा, दहशतगर्दी से जुड़ी संपत्तियों को सील करना या कानूनी प्रावधानों के तहत उन्हें ढहाने का अभियान चलाया जा रहा है। ड्रग्स की तस्करी पर उन्होंने कहा, जैसे दहशतगर्दी ने तीस साल जम्मू-कश्मीर के लोगों को बर्बादी की राह पर पहुंचाया है।
ड्रग्स की तस्करी पाकिस्तान की जमीन से भारत के खिलाफ रची जा रही नई साजिश है। युवाओं को नशे की लत लगाने का प्रयास किया जा रहा है। बड़ी संख्या में ड्रग्स जम्मू-कश्मीर में पहुंच रही हैं, लेकिन बड़ी तादाद में पुलिस की ओर से यह खेप पकड़ी गई हैं।
ऐसे में यह खेप जो मुल्क के बाकी हिस्सों में जानी थी नहीं पहुंच पाई। डीजीपी ने कहा, नशा पीड़ितों के लिए पुनर्वास कार्यक्रम चलाया जा रहा है। ड्रग डिएडिक्शन सेंटर तैयार किए जा रहे हैं। कश्मीर के डाउनटाउन के अलावा रेंज स्तर पर भी ऐसे सेंटर बढ़ाए जा रहे हैं।
टीआरएफ के संबंध में डीजीपी ने कहा, यह पाकिस्तान की आईएसआई के इशारे पर बयान जारी करता है। टीआरएफ पुलिस के निशाने पर है। बहुत सी कार्रवाइयां हुई हैं और आगे भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आतंकी ट्रेनिंग कैंप पहले से ही चलते रहे हैं और इनकी संख्या ऊपर नीचे होती रहती है।
पाकिस्तान के जम्मू कश्मीर से सटे इस हिस्से में बहुत से नहीं है, लेकिन अन्य क्षेत्रों में चल रहे हैं। कहा कि इस साल आतंकी घुसपैठ की काफी कम वारदातें हुई हैं जिसकी वजह मजबूत बार्डर ग्रिड है।