श्री माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं की यात्रा को और सुगम बनाने के लिए कटड़ा में इंटर माडल स्टेशन के लिए जगह तय हो गई है। नए बस स्टैंड व इसके आसपास की 25 एकड़ भूमि पर प्रतिष्ठित परियोजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा। कटड़ा डेवलपमेंट अथारिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोपाल सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
इंटर माडल स्टेशन में एक स्थान पर ही रेल, हेलिकॉप्टर, सड़क परिवहन के अलावा होटल, रेस्टोरेंट आदि सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यात्रियों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए फाइव स्टार से लेकर सामान्य श्रेणी के होटल व अन्य ढांचागत सुविधाएं तैयार की जाएंगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार देश व विदेश से हर साल श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को यात्रा के आधार शिविर कटड़ा में बेहतर ढांचागत और परिवहन की सुविधाएं इंटर माडल स्टेशन के माध्यम से एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना से यात्रियों की यात्रा ओर सुगम और यादगार बनेगी। कटड़ा डेवलपमेंट अथारिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोपाल सिंह के अनुसार संबंधित एजेंसियों ने केडीए के साथ मिलकर कटड़ा में नए बस स्टैंड व इसके आसपास की 25 एकड़ भूमि को इंटर माडल स्टेशन के लिए फाइनल कर दिया है। डीपीआर बनाने का काम चल रहा है। उम्मीद है कि डीपीआर को मंजूरी के बाद इसी साल के अंत तक काम शुरू हो जाएगा।
इंटर माडल स्टेशन बनने से यात्रियों को बस या रेल या हेलिकाप्टर के लिए इधर उधर भागने की जरूरत नहीं होगी। वहीं होटल, रेस्टोरेंट व अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होने से यात्रा सुगम बनेगी। वहीं यात्रियों की भीड़ को भी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक रोहिन गुप्ता का कहना है कि इंटर माडल स्टेशन का निर्माण कार्य नेशनल हाइवे लाजििस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड करेगी। डीपीआर तैयार करने का काम चल रहा है।
इसलिए पड़ी इंटर माडल स्टेशन की आवश्यकता
श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा पर प्रतिदिन करीब तीस से पैंतीस हजार यात्री पहुंचते हैं। नवरात्र के दिनों के अलावा गर्मियों के अवकाश में यात्रा प्रतिदिन पचास हजार के करीब पहुंच जाती है। ऐसे में यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करना, उनकी सुरक्षा व उन्हे ढांचागत सुविधाएं मुहैया करवाना चुनौती रहती है।
कटड़ा में वर्तमान में करीब 600 छोटे बड़े होटल है। जिस रफ्तार से यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में अगले दस साल में प्रतिदिन यात्रा करीब 70 से 75 हजार तक पहुंच सकती है। ऐसे में यात्रियों को एक स्थान पर ढांचागत व अन्य सुविधाएं मुहैया करवाना प्रस्तावित इंटर माडल स्टेशन तैयार करने का मुख्य उद्देश्य है।
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