- पुरमंडल में 65 लाख रुपये से शुरू हुआ प्रोजेक्ट ठप, दो साल से काम अधूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। कस्बे के ऐतिहासिक शिव मंदिर के जीर्णोद्धार का काम बीते दो वर्षों से अधूरा पड़ा है। इसमें प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्था सामने आ रही है। करीब 65 लाख रुपये की लागत से शुरू हुआ काम आज तक पूरा नहीं हो पाया है। मंदिर परिसर में जगह-जगह निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। परिसर में फैली निर्माण सामग्री के कारण कई बार लोग ठोकर खाकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं। अधूरे निर्माण कार्य ने न केवल मंदिर की सुंदरता को प्रभावित किया है बल्कि इसके धार्मिक वातावरण को भी क्षति पहुंचाई है। विकास के नाम पर मंदिर की ऐतिहासिक पहचान से छेड़छाड़ की जा रही है।
बिजली-पानी और निकासी की
व्यवस्था पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले न तो स्थानीय लोगों से कोई सुझाव लिया गया और न ही मंदिर की प्राचीनता व परंपराओं का ध्यान रखा गया। मंदिर में जलाभिषेक के लिए बनाई गई पानी की टंकियां दशकों पुरानी हैं। इनके नल खराब हैं। एक बाल्टी भरने में भी काफी समय लग जाता है। ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक स्थल पर स्वच्छ और पर्याप्त जल उपलब्ध कराने की मांग की है। मंदिर परिसर में हाल में लगाई गईं लाइटें भी खराब हैं। कई स्थानों पर तार लटक रहे हैं। ग्रामीण गोविंद राम शर्मा, आनंद किशोर शास्त्री, शाम लाल शर्मा, महेश्वर प्रसाद ने बताया कि पहले मंदिर में जल निकासी की व्यवस्था बेहतर थी। अब निर्माण कार्य के चलते यह व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। बारिश होने पर मंदिर परिसर में पानी जमा हो जाता है।