- ई-श्रम पोर्टल पर 42 फीसदी पंजीकरण कृषि क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों के
- जम्मू-कश्मीर से अब तक 35 लाख से ज्यादा श्रमिकों ने कराया पंजीकरण
गौरव रावत
जम्मू। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए ई-श्रम पोर्टल पर जम्मू-कश्मीर से अब तक 35,93,826 श्रमिकों ने पंजीकरण कराया है। इनमें सबसे अधिक श्रमिक कृषि क्षेत्र से जुड़े हैं, जिनकी हिस्सेदारी करीब 42 फीसदी (15.08 लाख श्रमिक) है। यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि प्रदेश में मजदूरी का सबसे बड़ा आधार आज भी खेती-किसानी है।
ई-श्रम पोर्टल के आंकड़ों के मुताबिक, कृषि के बाद सबसे अधिक पंजीकरण निर्माण क्षेत्र से (5.05 लाख श्रमिक) हुए हैं। इसके अलावा, 4.06 लाख घरेलू श्रमिक, 2.62 लाख वस्त्र उद्योग से जुड़े श्रमिक, और ऑटोमोबाइल व ट्रांसपोर्ट सेक्टर से 99 हजार से अधिक श्रमिकों ने भी पंजीकरण कराया है।
पर्यटन और हॉस्पिटेलिटी सेक्टर में 75,902, हेल्थकेयर सेक्टर में 63,899 और हस्तशिल्प व कालीन उद्योग में 89,558 श्रमिकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। बता दें कि पर्यटन, हस्तशिल्प और कालीन उद्योग भी प्रदेश में परंपरागत रूप से अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं।
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युवा और महिलाएं भी बढ़-चढ़कर जुड़ रहे
ई-श्रम पोर्टल से जुड़ने वालों में सबसे बड़ी भागीदारी 18 से 40 वर्ष की उम्र के श्रमिकों (57.57 प्रतिशत) की है। 40 से 50 वर्ष के 24.19 प्रतिशत और 50 वर्ष से अधिक उम्र के 17.10 प्रतिशत श्रमिकों ने भी पंजीकरण कराया है। लिंग के आधार पर देखें तो 53.13 प्रतिशत पुरुष और 46.87 प्रतिशत महिलाएं इस पोर्टल से जुड़ी हैं। यह दिखाता है कि महिलाएं भी अब असंगठित क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और सरकारी योजनाओं से सीधे जुड़ने लगी हैं।
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सुरक्षा और सुविधा का मजबूत आधार बन रहा ई-श्रम कार्ड
ई-श्रम कार्ड धारकों को केंद्र सरकार की कई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण है दो लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा, जो मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में दिया जाता है। इसके अलावा, 60 वर्ष की आयु के बाद प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत 3,000 रुपये मासिक पेंशन की सुविधा भी मिलती है। श्रमिकों को स्किल ट्रेनिंग, रोजगार सेवाएं, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाएं और राशन कार्ड जैसी सुविधाओं का भी सीधा लाभ दिया जा रहा है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से लाभ सीधे श्रमिकों के खातों में पहुंचाया जा रहा है।
विभाग का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा श्रमिक ई-श्रम कार्ड बनवाएं, ताकि उन्हें सभी योजनाओं का लाभ मिल सके। इसके लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाते रहे हैं।
चरणदीप सिंह
श्रम आयुक्त, जम्मू-कश्मीर