मुख्य सचिवों के पांचवें सम्मेलन में बदलीं प्राथमिकताएं
-फसल और किसानों से हुई थी शुरुआत, अब बुनियादी शिक्षा और फिट इंडिया पर होगा मंथन
-प्रदेश में अधिकारियों के माध्यम से आंकड़े जुटाने की कवायद तेज
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मुख्य सचिवों के पांचवें सम्मेलन में प्राथमिकताएं बदल गई हैं। जून 2022 में फसलों के विविधिकरण पर हिमाचल के धर्मशाला से शुरू हुए सम्मेलन में अब मंथन बच्चों की शिक्षा और खेल गतिविधियों पर होगा। जम्मू-कश्मीर में सरकार ने इस सम्मेलन के लिए आंकड़े जुटाने की कवायद शुरू कर दी है और इसे आगामी छह महीने में काम पूरा कर लिया जाएगा। इन प्राथमिकता आधारित आंकड़े जुटाने के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मा सौंपा गया है। मुख्य सचिवों का पांचवां सम्मेलन इसी साल नवंबर माह में होगा।
छह माह की अवधि में तमाम विभाग सम्मेलन के लिए फीडबैक तैयार करेंगे। सम्मेलन में शुरुआती शिक्षा में घुमंतू परिवारों के एक से तीन साल तक के बच्चों को पोषण और सुरक्षा का ढांचा तैयार होगा। प्रदेश से जाने वाली जानकारी पर नोडल मंत्रालय अंतिम फैसला लेगा। नोडल मंत्रालय के माध्यम से तैयार रिपोर्ट को मुख्य सचिवों के पांचवें सम्मेलन में शामिल किया जाएगा। इस सम्मेलन में शिक्षा और खेल गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित रहेगा। खेल गतिविधियों में फिट इंडिया को तवज्जो दी जाएगी।
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जून में भेजेंगे नोट, अक्तूबर में तैयार हो जाएंगे विषय
जून माह में मुख्य सचिवों के सम्मेलन के लिए तय किए गए नोडल मंत्रालय संबंधित नोट भेजेंगे। जबकि जुलाई माह में नोडल मंत्रालय राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच कार्यशाला का आयोजन करेंगे। अगस्त में राज्य विषय पर अपना-अपना फीडबैक देंगे। सितंबर माह में नोडल मंत्रालय नोट तैयार करेगा। अक्तूबर माह में इस पूरी कवायद को सिरे चढ़ाया जाएगा और अंतिम प्रक्रिया पूरी होने के बाद सम्मेलन में तय विषय चर्चा के लिए तैयार हो जाएंगे। नीति आयोग नोडल मंत्रालय से समन्वय के लिए एक कोर टीम का भी गठन करेगा।
ये हैं पांच विषय
बुनियादी शिक्षा : बच्चों की बुनियादी शिक्षा और आधारभूत ढांचे का विकास करना
मातृ-शिशु देखभाल : घुमंतू समुदाय में 0-3 साल के बच्चों की पहचान और पोषक तत्व सहित मातृ शिशु देखभाल
स्कूल भवन : शिक्षा आधारित मूलभूत विकास पर ध्यान और गुणवत्ता
कौशल विकास : स्वरोजगार के लिए कौशल विकास पर जोर
फिट इंडिया : खेल गतिविधियों में फिट इंडिया को तवज्जाे देना
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पहले चार सम्मेलन में इन विषयों पर मंथन
पहला सम्मेलन : जून 2022 धर्मशाला -फसल विविधिकरण, स्कूली, उच्च शिक्षा और शहरी प्रबंधन पर चर्चा।
दूसरा सम्मेलन : जनवरी 2023 नई दिल्ली -विकसित भारत लक्ष्य पर आधारित छह विषयों पर रणनीति।
तीसरा सम्मेलन : दिसंबर 2023 नई दिल्ली- पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और जमीन पर मंथन।
चौथा सम्मेलन : दिसंबर 2024 नई दिल्ली - उत्पादन, सेवा, ग्रामीण, शहरी, नवीनीकरणीय ऊर्जा, चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनाॅमी) की दिशा तय।
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प्रधानमंत्री ने की है सम्मेलन की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य सचिवों के सम्मेलन की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि सम्मेलन का सबसे बड़ा लाभ विकसित भारत के लिए टीम इंडिया का खुले दिमाग से एक साथ आना है। यह टीम अब मिलकर काम कर रही है।