टेंडर से पहले करवाना होगा सुरक्षा ऑडिट, ओएमएमएएस के माध्यम से दिल्ली रिपोर्ट
- जम्मू-कश्मीर लोक निर्माण विभाग को 72 दिन में पूरी करनी होंगी औपचारिकताएं
राकेश शर्मा
जम्मू। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को आठ शर्तों के साथ पीएमजीएसवाई-4 को मंजूरी दी है। इन शर्तों को पूरा न कर पाने की स्थिति में परियोजना अधर में फंस सकती है। इन शर्तों में सबसे प्रमुख सुरक्षा ऑडिट है। प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग को निर्माण से पहले सुरक्षा ऑडिट कर इसे ऑनलाइन मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (ओएमएमएएस) पर अपलोड करना होगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ऑडिट की जांच करेगा और इसके बाद निर्माण की मंजूरी दी जाएगी। केंद्र सरकार ने इस शर्त को टेंडर प्रक्रिया से पहले पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण का काम आगामी 72 दिन में शुरू करना होगा। इस अवधि में टेंडर प्रक्रिया में लगने वाला समय शामिल है। पीएमजीएसवाई में बनने वाली सड़कों का निर्माण पूरा होने के बाद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय धनराशि जारी करेगा। धनराशि जारी करने के लिए 28 दिन की अवधि तय की गई है। प्रस्तावित मंजूरी के अनुसार पीआईयू प्रमाणित संशोधित बी और सी प्रोफार्मा की एसटीए जांच की जाएगी और इसे भी टेंडर से पहले ओएमएमएएस पर अपलोड किया जाएगा।
इन पांच शर्तों को भी करना होगा पूरा
इंजीनियर को अपलोड करनी होगी सेल्फी : केंद्र सरकार दिल्ली से पीएमजीएसवाई की निगरानी करेगी। इसके लिए सड़क निर्माण की देखरेख कर रहे इंजीनियर को अपनी सेल्फी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला : यह प्रयोगशाला अनिवार्य रूप से स्थापित करनी होगी और प्रयोगशाला में प्रभारी अभियंता के दौरे की जियो-टैग की गई सेल्फी कार्य शुरू होने से ओएमएमएएस पर अपलोड करेगा।
28 दिन बाद होगा भुगतान : प्रदेश सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़कों के लिए भुगतान, ग्रामीण विकास मंत्रालय के विनिर्देशों के अनुसार फुटपाथ से लिए गए कोर के आधार पर 28 दिनों के बाद प्राप्त लक्ष्य शक्ति के सत्यापन के बाद ही किया जाए।
सड़क के दोनों ओर लगाने होंगे फलदार पौधे: सड़क के दोनों ओर फलदार तथा अन्य उपयुक्त पौधों का रोपण करना होगा। इसके लिए मनरेगा समेत केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं का प्रयोग किया ज सकता है। पीएमजीएसवाई-चार के अंतर्गत निर्मित सड़कों के किनारे पौधरोपण के लिए तय दिशानिर्देश का पालन करना होगा।
गुणवत्ता नियंत्रण रजिस्टरों का सत्यापन: गुणवत्ता नियंत्रण रजिस्टर का सत्यापन ओएमएमएएस पर अपलोडिंग भी सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि कार्यों की निविदा से पहले अपडेट गतिशक्ति रिपोर्ट ओएमएमएएस पर अपलोड की जाएगी।
सुरक्षा और गुणवत्ता का रखेंगे ख्याल
केंद्र सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार तय समय में काम पूरा किया जाएगा। निर्माण के दौरान सुरक्षा और गुणवत्ता दोनों का ख्याल रखा जाएगा। पीएमजीएसवाई का चौथा चरण तय पांच साल की अवधि में पूरा होगा।
मीर तनवीर, प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग