केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने वाटरशेड यात्रा का वर्चुअल किया शुभारंभ
जम्मू-कश्मीर में कैबिनेट मंत्री जावेद अहमद डार ने दिखाई हरी झंडी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू/नई दिल्ली। केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल लाए, धन-धान्य थीम पर आधारित वाटरशेड यात्रा का शुभारंभ किया। जम्मू-कश्मीर में कैबिनेट मंत्री जावेद अहमद डार ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। शिवराज चौहान ने कहा कि जल हमारे जीवन का आधार है, जल है तो जीवन है। हम माटी से पैदा हुए और माटी में ही मिलते हैं। माटी हमारा अस्तित्व है, हमारा आधार है, इसलिए मैं आह्वान करता हूं, अपने लिए और अपनों के लिए पानी और मिट्टी को बचाएं।
अभियान के तहत 805 परियोजनाओं में लगभग 60 से 90 दिनों तक वाटरशेड यात्रा वैन चलेगी, जो 26 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 6 हजार 673 ग्राम पंचायतों के 13 हजार 587 गांवों तक जाएगी। वहीं, वाटरशेड यात्रा के दौरान 1 हजार 509 ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी और 1 हजार 640 प्रभात फेरियां भी आयोजित की जाएंगी। साथ ही 2 हजार 43 स्थानों पर भूमिपूजन और 1 हजार 999 कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही 1 हजार 196 स्थानों पर श्रमदान और 557 स्थानों पर बागवानी पौधरोपण किया जाएगा।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विजनरी सोच के कारण मिट्टी और जल संरक्षण के लिए पीएम कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत वाटरशेड विकास घटक की योजना को क्रियान्वित कर रहा है। इस वाटरशेड के अंतर्गत चेक डेम, बोरी बंधान, मेढ़ बंधान, खेत तालाब जैसी कई संरचनाएं बनाई जाएंगी। ये संरचनाएं पानी भी बचाएंगे और माटी के क्षरण को भी रोकेंगे, सतही जल भी बहकर नहीं जायेगा और भूजल स्तर भी बढ़ेगा। भरा हुआ सतही जल आसपास के बड़े इलाके में भूजल स्तर बढ़ा देगा।
उन्होंने कहा कि इस विशेष अभियान को जनता का आंदोलन बनाएं, जन-जन इसमें जुड़ जाए। हम जनता के सहयोग से जल संरचनाएं बनायें, माटी के संरक्षण की योजनाएं बनाएं। इस वाटरशेड यात्रा के दौरान पानी और माटी बचाने के लिए जनजागरण अभियान चलेगा और वाटरशेड के अंतर्गत पूर्ण किये गए कामों का लोकार्पण भी होगा और नए कामों का भूमिपूजन भी होगा। इसके साथ ही वाटरशेड महोत्सव भी मनाया जाएगा। इतना ही नहीं वाटरशेड पंचायत उल्लेखनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी करेगी। यह यात्रा देशभर में जल संचयन और भूमि संरक्षण को बढ़ावा देगी। यह पानी और मिट्टी बचाने के लिए ग्रामीण जनता को एक मंच भी प्रदान करेगी।शिवराज सिंह ने कहा कि आगामी 2 वर्षों के लिए जनभागीदारी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया जा रहा है अगर जनभागीदारी से हम बेहतर जल संरचना बनाते हैं, भूमि के क्षरण को रोकते हैं तो श्रेष्ठ काम करने वाली परियोजनाओं को अतिरिक्त 20 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए 70 करोड़ 80 लाख रुपये का प्रावधान भी किया गया है। हर साल 177 परियोजनाएं इससे लाभान्वित होंगी।