13 फरवरी 2025 तक प्रतिदिन एक घंटे के लिए अखनूर के वृद्धाश्रम में सामुदायिक सेवा करने का आदेश
अखनूर। नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अखनूर में पहली बार एक आरोपी को सुधारात्मक न्याय के रूप में सामुदायिक सेवा की सजा दी गई है।
यह मामला वरिंदर सिंह पुत्र भरत सिंह निवासी करंगी, अखनूर से जुड़ा है, जिसे 31 जनवरी 2025 को नशे की हालत में सार्वजनिक स्थान पर उत्पात मचाने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। आरोपी को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अखनूर की अदालत ने 4 फरवरी से 13 फरवरी 2025 तक प्रतिदिन एक घंटे के लिए अखनूर के वृद्धाश्रम में सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया।
यह फैसला सुधारात्मक न्याय प्रणाली को अपनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो छोटे अपराधों में पुनर्वास और समाज सेवा को प्राथमिकता देता है। जम्मू पुलिस की ओर से उठाया गया यह कदम भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक मिसाल बन सकता है। संवाद