- प्लंबिंग, इलेक्ट्रीशियन और मोबाइल मरम्मत जैसे कई ट्रेड में सिखाया जाएगा हुनर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू पुलिस के नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) में नशे के चंगुल से बाहर निकले लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। छन्नी हिम्मत स्थित केंद्र अब इलाज के बाद ठीक हो चुके लोगों के आर्थिक पुनर्वास और आजीविका की भी व्यवस्था करेगा। इसके लिए यहां एक कौशल प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया जा रहा है जिसमें लोगों को हुनरमंद बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को दोबारा नशे के दलदल में जाने से रोकना और आत्मनिर्भर बनाना है।
केंद्र को 360 डिग्री पुनर्वास मॉडल के तहत तैयार किया जा रहा है। यहां प्लंबिंग, बिजली उपकरण मरम्मत, मोबाइल रिपेयरिंग, बुनियादी कंप्यूटर, सोलर पैनल और एसी-फ्रिज मरम्मत जैसे छोटे अवधि के व्यावहारिक कोर्स कराए जाएंगे। छह महीने या उससे अधिक समय से पूरी तरह नशे से दूर रहने वाले युवाओं को मिशन युवा और कौशल भारत अभियान के माध्यम से आसान ऋण दिलाकर स्वरोजगार शुरू कराया जाएगा।
योग व ध्यान केंद्र भी खुलेगा
इसके साथ ही मरीजों के मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य के लिए योग व ध्यान केंद्र भी खुलेगा। पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) एवं डीडीआरसी प्रभारी अन्हा सिन्हा ने मंगलवार को डीडीआरसी का दौरा किया। यहां आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। इसमें शामिल विजेता व प्रतिभागियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि नशा छोड़ना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी है सामान्य जीवन में सम्मानजनक वापसी। इसी दिशा में हम काम कर रहे है।
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18 हजार लोगों को मिला नया जीवन
केंद्र में अब तक करीब 18 हजार लोगों का इलाज हो चुका है। इसमें से 10,500 मरीजों का पूरा ब्योरा कंप्यूटर में सुरक्षित किया है। 25 बिस्तरों वाले इस केंद्र में हर महीने 500 से अधिक लोगों को चिकित्सीय सलाह और परामर्श मिल रहा है। हाल ही में दिल्ली और जम्मू विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी केंद्र में इंटर्नशिप कर पुनर्वास और काउंसलिंग प्रक्रिया का जमीनी अध्ययन किया है।