कठुआ, पुंछ और किश्तवाड़ में शुरू हुआ काम
खास खबर
साहिल खजूरिया
कठुआ। जम्मू-कश्मीर में अनाज भंडारण की क्षमता को दस हजार मिट्रिक टन बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए कठुआ, पुंछ और किश्तवाड़ में काम शुरू कर दिया गया है। बरसात से पहले भारतीय खाद्य निगम के इन तीन स्टोर में क्षमता दोगुना हो जाएगी।
प्रदेश के 34 एफसीआई डिपो में 2 लाख 64 हजार 796 मिट्रिक टन अनाज भंडारण की वर्तमान क्षमता है। सिर्फ क्षमता ही नहीं, बल्कि प्रदेश में दो लाख 25 हजार 652 मिट्रिक टन गेहूं और चावल की उपलब्धता भी इन स्टोर में सुनिश्चित की जा रही है। कठुआ में इस साल कुल 16589 मिट्रिक टन धान की खरीद एफसीआई की ओर से सुनिश्चित की गई है। भारतीय खाद्य निगम के पुंछ में भंडारण स्टोर की क्षमता 25 सौ मिट्रिक टन से 5000 मिट्रिक टन तो वहीं किश्तवाड़ में 1670 मिट्रिक टन से 33 सौ मिट्रिक टन की जा रही है। दअरसल, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) सस्ती कीमतों पर प्रबंधन की प्रणाली के रूप में विकसित हुई। पिछले कुछ वर्षों में, यह प्रणाली देश में खाद्य अर्थव्यवस्था के प्रबंधन के लिए सरकार की नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। यह व्यवस्था केंद्र और राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों की जिम्मेदारी के तहत संचालित होती है। केंद्र सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के माध्यम से राज्य सरकारों के लिए खाद्यान्नों की खरीद, भंडारण, परिवहन और थोक आवंटन की जिम्मेदारी संभाली है। आवंटन, पात्र परिवारों की पहचान, राशन कार्ड जारी करना और उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) आदि के कामकाज की निगरानी सहित परिचालन जिम्मेदारी राज्य या केंद्र शासित प्रदेशों के पास है।
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एफसीआई की ओर से अनाज भंडारण की क्षमता को कठुआ, पुंछ और किश्तवाड़ में बढ़ाया जा रहा है। एफसीआई सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अलावा मिड-डे मील और सरकार की अन्य योजनाओं के लिए राशन की खरीद और फिर इसे केंद्र या राज्य सरकार तक पहुंचाना सुनिश्चित करता है।
नीरज कुमार, गुण नियंत्रक, भारतीय खाद्य निगम कठुआ