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सैनिकों की शहादत से लद्दाखियों में आक्रोश

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जम्मू। पिछले 43 दिन से एलएसी पर तनाव और अब सैनिकों की शहादत पर लद्दाखियों में आक्रोश है। लोगों और प्रतिनिधियों का कहना है कि चीन भरोसे लायक नहीं है सभी जानते हैं। सरकार ने अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
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लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे सज्जाद हुसैन ने कहा कि लद्दाखियों का मनोबल कभी नहीं गिरता। यहां के बाशिंदे चीन और पाकिस्तान से युद्ध देख चुके हैं, लेकिन मौजूदा हालात मायूस करने वाले हैं। बॉर्डर पर तनाव की स्थिति में पूरा देश साथ खड़ा है। चीन को हमारी जमीन से क्यों खदेड़ा नहीं जा रहा। सैनिकों की शहादत पर भी सरकार का रुख साफ नहीं है।
एलएसी से सटे चुशुल क्षेत्र से लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद के सदस्य कोनचोक स्टेन्जिन ने कहा कि पिछले एक माह से दो दर्जन से ज्यादा अग्रिम इलाकों के गांव का संपर्क कटा हुआ है। बिजली, संचार की सेवाएं ठप पड़ी हैं। एलएसी पर क्या चल रहा है, कुछ साफ नहीं हो रहा। चीन को लेकर भारत की ओर से कारगर कदम उठाए जाने चाहिएं।
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अब चीन को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता
अंजुमन इमामिया लेह के अध्यक्ष अशरफ अली बारचा ने कहा कि एलएसी पर हमारे सैनिकों की शहादत से पूरे लद्दाख में आक्रोश है। चीन की हरकतों को दशकों से बर्दाश्त किया जा रहा है। सरकार को हालात की सही जानकारी देश के सामने लानी होगी। एलएसी पर ऐसे हालात दशकों बाद बने हैं। चीन को इससे ज़्यादा बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
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