श्रीनगर। नेकां उपाध्यक्ष तथा पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यदि तनाव कम करने की प्रक्रिया के दौरान चीन की सेना एक कर्नल व दो जवानों की गोली मारकर हत्या कर देती है तो यह कोई भी आसानी से कल्पना कर सकता है कि हालात कितने गंभीर हैं। उमर ने ट्वीट कर कहा कि यह सब तब हो रहा है, जब मीडिया सरकारी लाइन पर प्रचार कर रही कि प्रश्न पूछना देश विरोधी हरकत है। एक ट्वीटर यूजर ने जब टोका कि गलवां घाटी में फायरिंग नहीं हुई तो उमर ने जवाब दिया कि तब उन्हें पीटकर मारा गया है। यह और भी भयावह है।
लद्दाख में और बढ़ाई गई सतर्कता, नाइट पेट्रोलिंग तेज
लेह। गलवां घाटी में चीन के सैनिकों की कार्रवाई में कर्नल समेत तीन जवानों की शहादत के बाद पूर्वी लद्दाख में सेना ने सतर्कता बढ़ा दी है। गश्त भी बढ़ाई गई है। जवानों को एलएसी पर मुस्तैदी के साथ गलवां घाटी, पैंगोंग त्सो झील तथा आसपास के इलाकों में लगातार गश्त करने तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध हलचल पर उसका प्रतिवाद करने को कहा गया है। नाइट पेट्रोलिंग भी तेज कर दी गई है। सूत्रों ने बताया कि गलवां घाटी में तनाव बढ़ने के बाद आर्टिलरी ताकत भी बढ़ाई गई है। इसके तहत श्रीनगर से कई बोफोर्स टैंक व तोप लद्दाख में तैनात किए गए हैं।