अकाल तख्त साहिब और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कहा, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियां आदेशों का पालन करें
गुरुद्वारों में पहरेदार तैनात हों, इससे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू/विजयपुर। रामगढ़ के कोलपुर गांव के गुरुद्वारा में चौथे गुरु रामदास जी का प्रकाश पर्व मनाया जाना था। उससे पहले श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी का मामला सामने आया। इस घटना के बाद बुधवार को अकाल तख्त, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जत्थेदार पहुंचे। उन्होंने गांव का दौरा किया और स्थानीय लोगों से बातचीत की। कोलपुर गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी को भंग किया गया है। इस कमेटी में आरोपी के परिवार से कोई भी सदस्य नहीं बन पाएगा।
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि इस घटनाक्रम में कुछ और लोगों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस और प्रशासन उनकी पहचान कर चौबीस घंटे गिरफ्तार करे। उन्होंने कहा कि आरोपी व्यक्ति यहां अपना डेरा चला रहा था। स्थानीय लोगों ने जब डेरे का बंद करने की बात की थी तो प्रशासन ने लोगों का साथ देने के बजाय आरोपी का साथ दिया। अगर प्रशासन उस समय उसके खिलाफ सख्ती करता तो ऐसी घटना से बचा जा सकता था। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों को अकाल तख्त साहिब और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की आदेशों का पालन करना चाहिए। गुरुद्वारों में पहरेदार होने चाहिए। इससे इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद मिलती है। अमृतसर से गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव प्रताप सिंह के साथ कुलदीप सिंह, अजयवान सिंह भी दोपहर रामगढ़ पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस बेअदबी ने सिख समुदाय और सभी शांतिप्रिय नागरिकों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।