महिला आईएएस अफसर द्वारा आत्महत्या के प्रयास के मामले पर विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने कड़ा संज्ञान लिया है। पीडीपी विधायक जावेद मुस्तफा मीर ने सदन में मुद्दा उठाकर मामले पर पूरा न्याय करने की मांग उठाई।
विधायक ने कहा कि आत्महत्या का प्रयास करने वाली महिला आईएएस अधिकारी को स्थानांतरित कर सरकार ने जो कार्रवाई की, वह अधूरी है, उसे आत्महत्या के लिए उकसाने वाला व्यक्ति सीनियर आईएएस अधिकारी है।
मामला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि आरोपी सीनियर आईएएस अफसर उस विभाग का सबसे बड़ा अफसर है, जिससे सदन के तमाम सदस्यों ने शिक्षा हासिल की है। डिप्टी स्पीकर नजीर अहमद गुरेजी ने सरकार को निर्देश देकर कहा कि मामले में जिस अफसर का नाम आ रहा है, उसे तुरंत पद से हटाकर किसी असंवेदनशील पद का जिम्मा सौंपा जाए, क्योंकि अधिकारी वर्तमान में जिस विभाग का मुखिया है, उसमें 50 फीसदी कर्मचारी महिला वर्ग से हैं।
इससे पूर्व पीडीपी विधायक मुस्तफा ने कहा कि सरकार ये भी बताए कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है या नहीं। कुछेक अफसरों की करतूतों से समूची नौकरशाही की प्रतिष्ठा पर व्यापक असर पड़ता है। मुस्तफा ने कहा कि अधूरे इंसाफ के बजाय पूरा इंसाफ करना होगा।
उल्लेखनीय है कि सदन में उठे मामले की पृष्ठभूमि में 17 जून की घटना का जिक्र किया गया, जिसमें महिला आईएएस अधिकारी ने आत्महत्या करने का प्रयास किया। इस घटना के ठीक पहले एक सीनियर आईएएस अफसर इस महिला अफसर के सरकारी निवास में आए थे। आत्महत्या का प्रयास करने वाली महिला आईएएस अधिकारी उन छह अधिकारियों में शामिल हैं, जिनका कैबिनेट ने रविवार को तबादला कर दिया।