कोरोना के वर्तमान हालात को देखते हुए परीक्षा होनी संभव नहीं है। जेके बोर्ड की चेयरपर्सन वीना पंडिता ने कहा कि सरकार के समक्ष बात रखी है, प्रक्रिया विचाराधीन है।
जम्मू-कश्मीर में कोरोना के कारण समर जोन में 11वीं कक्षा की परीक्षा इस बार नहीं होगी। स्कूल शिक्षा विभाग अन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। इसमें बच्चों की बौद्धिक क्षमता को मापने के साथ-साथ आंतरिक मूल्यांकन और उपस्थिति की अहम भूमिका होगी। इसका मुख्य उद्देश्य है कि बच्चों को ऐसा न लगे कि उन्हें सीधे अगली क्लास में प्रमोट किया जा रहा है। शिक्षा विभाग और जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन इसको लेकर जल्द स्थिति साफ कर सकते हैं।
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समर जोन में 11वीं कक्षा में 54 हजार से अधिक विद्यार्थी हैं। ये सभी लंबे समय से बोर्ड के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, बोर्ड ने अभी स्पष्ट नहीं किया है वह क्या करेगा, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग के एक बड़े अधिकार ने कहा कि इस बार परीक्षाएं नहीं होंगी। बच्चों के क्लास वर्क, आंतरिक मूल्यांकन, अटेंडेंस के साथ-साथ ऐसे विकल्प देखे जा रहे हैं, जिसमें बच्चों के बौद्धिक स्तर को भी मापा जा सके और फिर उन्हें अगली कक्षा में भेजा जाएगा।
जेके बोर्ड ने भी सरकार को इस संबंध में पत्र लिखा है और जल्द इसको लेकर पूरी स्थिति साफ हो जाएगी। समर जोन में 11वीं की परीक्षा 27 अप्रैल से होनी थी, लेकिन कोरोना के कारण सरकार ने परीक्षा स्थगित कर दी।