बारिश के बाद गर्मी से जहां राहत मिली है, वहीं सांबा जिले के लोगों को डेंगू का डर सताने लगा है। बारिश के बाद से कई इलाकों में मच्छर का प्रकोप बढ़ गया है।
लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि इस बार डेंगू के खिलाफ समय से अभियान छेड़ा जाए, ताकि लोगों को उसके डंक से बचाया जा सके।
2013 में डेंगू का पहला संदिग्ध मामला सांबा जिले के ब्लाक पुरमंडल के स्मैलपुर गांव में मिला था। उसके बाद जिले में कई मामले लगातार सामने आए थे। दो लोगों की मौत भी हो गई थी।
कैसे फैलता है डेंगू ?
इसके बाद से लोगों में डेंगू को लेकर खौफ का माहौल बन गया था। डेंगू मच्छर साफ पानी में पैदा होता है। इससे बचाव के लिए घरों के आसपास पानी जमा न होने दें।
जरूरत न होने पर कूलर का पानी निकाल उसे अच्छी तरह साफ कर दें। दरअसल डेंगू मच्छर जिससे पनपते हैं, उसे मेडिकल की भाषा में लारवा कहते हैं। इस लारवा से 15 से बीस दिनों में डेंगू मच्छर पैदा होते हैं।
पिछली बार डेंगू बुखार की चपेट आए अनिल कुमार, अश्विनी गुप्ता का कहना है कि अगर स्वास्थ्य विभाग समय पर डेंगू से बचाव के लिए प्रयास शुरू कर दे, तो डेंगू के डंक से बचा जा सकता है।
शिविर के जरिये कर रहे जागरूक
डेंगू को लेकर सांबा और पुरमंडल के ब्लाक मेडिकल आफिसर डीके मन्याल का कहना है कि डेंगू से बचाव के लिए जिले में जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
इसमें लोगों को डेंगू से बचने के तरीके समझाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि सांबा में इसकी शुरूआत की जा चुकी है। सोमवार को ब्लाक पुरमंडल में शुरू किया जाएगा।
बचाव के लिए क्या करें?
1. आसपास पानी जमा न होने दें
2. कूलर को साफ रखें
3. पानी टंकी में सफाई जरूरी
4. फुल बाजू के कपडे़ पहनें
5. बुखार होने पर जांच करवाएं
6. फ्रिज के ट्रे की सफाई करें
7. पुराने टायर, बोतलों को हटा दें
8. घर में साफ-सफाई रखें