जम्मू-कश्मीर में अब तक मिले कुल 993 डेंगू के मामलों में से जिला जम्मू से 64 फीसदी मामले हैं। जम्मू में मंगलवार को 33 नए मामलों के साथ आंकड़ा 639 तक पहुंच गया। शहर के कई इलाके डेंगू से प्रभावित हैं। तापमान में गिरावट के बावजूद अस्पतालों में डेंगू के पीड़ितों का पहुंचना जारी है।
वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा जिला कठुआ और सांबा अधिक प्रभावित हैं। अब तक जम्मू में दो, सुंदरबनी में एक और उधमपुर से एक डेंगू मरीज की मौत हो चुकी है।
जम्मू शहर में रिहाड़ी, बख्शीनगर, त्रिकुटानगर, गांधीनगर, सुभाष नगर आदि क्षेत्र डेंगू से प्रभावित हैं। इन इलाकों से नियमित तौर पर डेंगू के मामले मिल रहे हैं।
सांबा में 12 नए मामले आए सामने
शहर के अधिकांश स्थानों में डेंगू दस्तक दे चुका है। जीएमसी जम्मू और एसएमजीएस अस्पताल जम्मू सहित अन्य अस्पतालों में दैनिक आधार पर बड़ी संख्या में डेंगू के मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें बच्चों से लेकर हर आयु वर्ग के लोग प्रभावित हैं। मंगलवार को सांबा में 12 नए मामले के साथ आंकड़ा 87 तक पहुंच गया है। जिला कठुआ में अब तक 172 डेंगू के मामले मिल चुके हैं।
उधमपुर में डेंगू के पांच और मामले आए सामने
उधमपुर जिले में मंगलवार को कुल पांच लोग डेंगू का शिकार पाए गए हैं। इन सभी का डेंगू का टेस्ट जिला अस्पताल में हुआ और इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसी के साथ जिले में डेंगू के कुल मामलों की संख्या 82 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जितनी ज्यादा टेस्टिंग होगी, उतनी जल्दी डेंगू पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। मौजूदा समय में हालात स्वास्थ्य विभाग के नियंत्रण में हैं। किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं है।
एक महीने लगातार बढ़ रहे केस
जिले में करीब एक महीने से डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। पहले एक दिन में दो से तीन लोग डेंगू का शिकार पाए जा रहे थे। अब इनकी संख्या बहुत बढ़ गई है। सोमवार को पहली बार एक दिन में रिकॉर्ड 15 लोग डेंगू का शिकार पाए। लेकिन, मंगलवार को इसमें थोड़ी राहत मिली है। इस दौरान शाम तक कुल पांच लोग डेंगू का शिकार पाए गए हैं। ये लोग बुखार की शिकायत लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। जब इनका डेंगू का टेस्ट किया गया तो सबकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इन सभी का घर में ही उपचार चल रहा है।
उधमपुर में किसी हालत गंभीर नहीं
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मोहम्मद यासीन ने बताया कि विभाग की तरफ से लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद कुछ स्थानों से डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि, अब तक डेंगू के बुखार से किसी की हालत ज्यादा खराब नहीं हुई है। ज्यादातर का उपचार घर में ही किया जा रहा है। विभाग की टीमें लगातार दवाइयों का छिड़काव कर ही हैं, और लोगों को डेंगू से बचने के उपाय भी बता रही है।