रियासी। जनाना पार्क में रविवार को नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम जम्मू कश्मीर की बैठक में वृद्धावस्था पेंशन योजना को प्रदेश में दोबारा लागू करने की मांग उठाई गई। साथ ही बैठक में कई अन्य अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
जिला प्रधान सुशील कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश उपप्रधान रमन कुमार, सचिव रोहित शर्मा, संयुक्त सचिव रघुवीर सिंह ने कहा कि वर्ष 2010 में वृद्धावस्था पेंशन को बंद कर सेवानिवृत्त होने पर एकमुश्त रुपये दिए जाने का प्रावधान शुरू किया गया था। सरकारी नौकरी करने वाले कर्मचारी के पास एक आस होती है कि सेवानिवृत्त होने के बाद उनको पेंशन मिलेगी, जिससे वह अपना गुजर बसर कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय के दौरान एनपीएस कर्मचारियों को भी वेतन न मिलने के कारण परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। उनके लिए पेंशन की कोई भी योजना नहीं है। उनका 10 प्रतिशत बुनियादी और महंगाई भत्ता है। जबकि, 40 प्रतिशत शेयर बाजार में रखा जाता है, जिसमें उतार चढ़ाव के बाद ही उनको वेतन जारी होता है। बैठक में एलजी से मांग की गई कि वर्ष 2010 से पहले की योजनाओं को जारी किया जाए।
इस दौरान जिला इकाई का गठन कर उसका विस्तार किया गया। मौके पर महासचिव विपिन शर्मा, सचिव भारत विजय, उपप्रधान सुरिंदर शर्मा, संयुक्त सचिव हारून सेठी, मुख्य प्रचारक विशाल बनाथिया व चंदन उपाध्याय, मुख्य समन्वयक बलबीर सिंह, व्यवस्थापक विशान बाली, प्रचारक विजय सिंह, पब्लिसिस्ट सचिव विशाल कुमार शर्मा और सदस्य जुगल किशोर, अर्जुन जंवाल, कुलदीप सिंह भी मौजूद रहे। योजना को सभी विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए लागू करने की अपील की गई।