जम्मू। महाराजा हरि सिंह की जयंती पर अवकाश घोषित करवाने के लिए जम्मू में लगातार संघर्ष जारी है। विभिन्न संगठनों और समाजिक संस्थाओं के लोग एकजुट होकर मांग कर रहे हैं। वहीं, दस जनवरी को फिर से तवी पुल बंद कर प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही भूखहड़ताल शुरू होगी जो घोषणा तक जारी रहेगी।
बुधवार को युवा राजपूत सभा, शिवसेना बाला साहेब ठाकरे इकाई जम्मू-कश्मीर और इकजुट जम्मू ने मिलकर हरि सिंह प्रतिमा के पास बैठक की। इस दौरान लोगों ने महाराजा हरि सिंह अमर के नारे लगाए। युवा राजपूत सभा के अध्यक्ष राजन सिंह हैप्पी ने बताया कि सरकार सिर्फ झूठे आश्वासन दे रही है। कई सालों से सरकार से अवकाश घोषित करने की मांग की जा रही है, लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए इस साल के कैलेंडर में भी कोई घोषणा नहीं की है। हालांकि उपराज्यपाल समेत प्रशासन अधिकारियों से भी इस बारे में मुलाकात हुई थी। प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि इस वर्ष के कैलेंडर में छुट्टी रखी जाएगी। हाल ही में जारी किए गए कैलेंडर में इसका जिक्र नहीं था। दस जनवरी को सभी लोग तवी पुल को बंद करके प्रदर्शन करेंगे और भूख हड़ताल पर बैठेंगे। जब तक सरकार अवकाश घोषित नहीं करेगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
शिवसेना बाला साहेब ठाकरे इकाई के अध्यक्ष मनीश साहनी ने बताया कि महाराजा का परिचय करवाने की जरूरत नहीं है। प्रदेश की जनता के हित के लिए हर संभव प्रयास किए हैं। समाज में फैली हर कुरीति को उन्होंने खत्म किया। उनके शासन काल में समाज को एक नई दिशा मिली है। सरकार को मामले को गंभीरता से लेना होगा। इकजुट जम्मू के अध्यक्ष अंकुर शर्मा ने बताया कि अवकाश का मांग उठाने के बाद भी सरकार हरकत में नहीं आई है। इस कारण प्रदेशवासियों की भावनाएं आहत हो रही हैं। सरकार इस बात पर गौर नहीं कर रही है। नजरअंदाज करने से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। महाराजा की वजह से जम्मू-कश्मीर के लोेग राहत की सांस ले रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस वर्ष के जारी किए गए कैलेंडर में दोबारा संशोधन किया जाना चाहिए।