दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने शनिवार को सरकारी शिक्षक मोहम्मद साबर को दबोच लिया। आरोपी शिक्षक वर्तमान में राजोरी के तहसील कार्यालय के इलेक्शन सेल में ब्लाक लेवल अधिकारी (बीएलओ) के आरोप में तैनात है।
आरोप है कि अब्दुल हमीद भी जासूसी कांड में शामिल अन्य आरोपियों की तरह भारतीय सेना और बीएसएफ की महत्वपूर्ण जानकारियां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को उपलब्ध करवाता था। इस तरह इस मामले में अब तक चार लोग दबोचे जा चुके हैं।
इनमें बीएसएफ का एक हेड कांस्टेबल, एक शिक्षक और सेना का रिटायर्ड हवलदार शामिल है। मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने सुबह करीब नौ बजे शहर के फतेहपुर एहती क्षेत्र में शिक्षक साबर के घर पर छापेमारी की।
छत से कूदे आरोपी की टांग टूट गई
क्राइम ब्रांच की टीम को देख कर शिक्षक ने घर के छत से छलांग लगाकर भागने का प्रयास किया। क्राइम ब्रांच की टीम ने उसका पीछा कर उसे दबोच लिया। उसे तत्काल राजोरी जिला अस्पताल लाया गया।
अस्पताल में उपचार कर रहे डाक्टर के अनुसार साबर के पैर पर चोट आई थी। प्राथमिक उपचार के बाद क्राइम ब्रांच की टीम उसे अपने ले गई। राजोरी-पुंछ रेंज के डीआईजी अशोक कुमार अत्री ने बताया कि पकड़ा गया शिक्षक राजोरी तहसील कार्यालय में बीएलओ के पद पर तैनात था।
पिछले करीब दो वर्ष से वह इलेक्शन सेल में काम कर रहा था। उसकी ड्यूटी मंजाकोट के ककोड़ा क्षेत्र के सरकारी स्कूल में थी। क्राइम ब्रांच की टीम राजोरी थाने में औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे अपने साथ दिल्ली ले गई है।
रशीद और कफायतउल्ला का करीबी रहा है साबर
सूत्रों के मुताबिक पकड़ा गया बीएलओ एवं शिक्षक मोहम्मद साबर मूलरूप से मंजाकोट तहसील के ककोड़ा क्षेत्र का निवासी है। पिछले कुछ वर्ष से वह फतेहपुर एहती क्षेत्र में रह रहा है।
तहसील कार्यालय के चुनाव सेल में उसकी तैनाती होने से वह डीसी कार्यालय व अन्य सरकारी कार्यालयों के चक्कर भी लगाता रहता था। चुनाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां आईएसआई तक पहुंचाने के अलावा वह अन्य गुप्त जानकारियां भी आईएसआई को पहुंचाने में सक्रिय रहा है।
पहले पकड़े गए बीएसएफ के हवलदार रशीद और शिक्षा कर्मी कफायतउल्ला के साथ साबर की काफी नजदीकी रही है।