उधर, पैकेज 15 में हीरानगर से जख तक काम होगा, जिसमें रिंग रोड जम्मू का जंक्शन भी शामिल है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बसंतर पर बनने वाले पुल का काम सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा, जबकि विजयपुर में बनने वाले 1.35 किलोमीटर लंबे और इस एक्सप्रेस-वे को ऊंचाई देने वाले ढांचे के निर्माण में अधिक समय लगना तय है। पैकेज 16 में जख से कुंजवानी तक काम किया जा रहा है। इसमें चौथे तवी पुल के साथ-साथ एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी भी शामिल है। फिलहाल इस पैकेज का काम 45 फीसदी तक ही हो पाया है।
इस कारण भी हो रही देरी
सतवारी में 38 ढांचों को हटाए जाने का काम बाकी रहने से भी परियोजना का काम पिछड़ रहा है। ऐसे में यह पैकेज भी सितंबर 2024 तक पूरा नहीं होने जा रहा। पैकेज 17 के तहत कुंजवानी से सिद्दड़ा और दोमेल से कटड़ा तक काम किया जाना है।
सूत्रों की मानें तो जून 2023 में अवार्ड हुए इस काम के तहत रेलवे की टनल और जमीन के बीच में आने से काम प्रभावित हो रहा है। ऐसे में प्राधिकरण ताराकोट की जगह इस पैकेज को इंटर मॉडल स्टेशन कटड़ा तक ही पूरा करने पर विचार कर रहा है।
पैकेज 18 में सिद्दड़ा से बन के बीच काम किया जाना है, जिसमें अबतक दो प्रतिशत ही काम पूरा हो सका है। ऐसे में साफ है कि परियोजना को लेकर तय किए गए समय में इसे किसी भी सूरत में पूरा नहीं किया जा सकेगा। उधर, प्रशासन और केंद्र सरकार भी परियोजना पर लगातार नजर बनाए हुए है। इस परियोजना को जल्द पूरा करने को लेकर भी नजर रखी जा रही है ।
शहरी इलाकों में आ रहीं कई चुनौतियां
एक्सप्रेस-वे का काम जम्मू-कश्मीर में सभी पैकेज के तहत युद्धस्तर पर जारी है। कुछ चुनौतियों के चलते इस परियोजना को अब अगले वर्ष जून महीने तक पूरा कर लिया जाएगा। चूंकि शहरी इलाकों में ब्राउन फील्ड में काम करने में कई चुनौतियां आ रही हैं। रावी दरिया पर बनने वाले पुल में तकनीकी रूप से विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसमें समय लग रहा है। ऐसे में सितंबर, 2024 में काम पूरा नहीं हो सकेगा। -वाईपीएस जादौन, परियोजना निदेशक, हाईवे प्राधिकरण, जम्मू।