टेंडर की उलझन में फंसे परिवहन विभाग के पास कई महीनों के बाद ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी सामग्री तो पहुंची है, लेकिन अब भी कई जिले ऐसे हैं, जहां पर सामग्री नहीं पहुंची। इसकी वजह से पिछले दो महीने से लाइसेंस नहीं बन पा रहे। जम्मू के आरटीओ कार्यालय में ही एक महीने के बाद कुछ सामग्री पहुंची है, जो सभी आवेदन करने वालों के लिए काफी नहीं।
विभाग के पास टेंडर के जरिये ही सामग्री पहुंचती है। विभाग निजी कंपनियों से यह सामग्री खरीदता है, लेकिन टेंडर न होने से यह सामग्री नहीं खरीदी जा सकी। जानकारी के अनुसार दो महीने के बाद जम्मू के आरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग कार्ड पहुंचे हैं। यहां तक कि लाइसेंस एवं अन्य तरह की सुविधाओं के लिए इस्तेमाल होने वाली स्टेशनरी भी दो महीने के बाद पहुंची।
जम्मू को छोड़कर अन्य जिलों में राजोरी, पुंछ, कठुआ, सांबा, उधमपुर, डोडा, रामबन आदि में अभी तक कार्ड और स्टेशनरी नहीं पहुंची है। इसकी वजह से लोगों के लाइसेंस नहीं बन पा रहे। सूत्रों की मानें तो जम्मू संभाग में करीब पांच हजार लोगों के लाइसेंस कार्ड के इंतजार में है।
आरटीओ अश्विनी खजूरिया ने बताया कि टेंडर की वजह से लाइसेंस कार्ड और स्टेशनरी नहीं आ रही थी। इसकी वजह से लाइसेंस बनाने का काम रुका हुआ था। विभाग के पास थोड़े बहुत कार्ड ही आए हैं, जो लंबित आवेदनों को निपटा सकें।