रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण शहीद औरंगजेब के परिजनों से मिलीं
शहीद राइफलमैन औरंगजेब के परिजनों से मिलने के लिए बुधवार को रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण जम्मू-कश्मीर के मेंढर तहसील के सलानी गांव पहुंची हैं। रक्षा मंत्री इस दौरान औरंगजेब के परिजनों से मिलीं और बातचीत कीं।
इस दौरान रक्षामंत्री ने औरंगजेब के पिता मोहम्मद हनीफ और भाई से बात की। निर्मला ने काफी देर तक औरंगजेब के पिता से बात की। शहीद औरंगजेब के परिवार से मिलने के बाद निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज मैंने औरंगजेब के परिवार के साथ समय बिताया, ये परिवार पूरे देश के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि एक संदेश जो मैं यहां से वापस ले जा रहा हूं वह यह है कि यहां एक शहीद का परिवार है, जो पूरे देश के लिए प्रेरणा के रूप में खड़ा है।
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिवार को सहायता राशि के रूप में चेक भी सौंपा। औरंगजेब के पिता ने कहा कि अलगाववादी कश्मीर के युवाओं को बेवकूफ बना रहे हैं।उन्होंने राज्यपाल शासन लगाए जाने का स्वागत किया और कहा कि ये पहले ही हो जाना चाहिए था।
गौरतलब है कि ईद के मौके पर पुलवामा से घर आते समय आतंकियों ने राइफलमैन औरंगजेब का अपहरण कर उसकी बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी थी।
इससे पहले सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत सोमवार को शहीद औरंगजेब के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी थी। सलानी में सेना अध्यक्ष के आने से पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया था। उन्होंने शहीद के पिता पूर्व सैनिक मोहम्मद हनीफ, मां राज बी और भाइयों के साथ मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देते हुए कहा था कि औरंगजेब पर पूरे देश को नाज है और पूरा देश और भारतीय सेना आपके साथ है।
इस अवसर पर गांव की मस्जिद के इमाम की अगुवाई में जनरल बिपिन रावत अन्य सैन्य अधिकारियों व औरंगजेब के परिजनों ने उसकी आत्मा की शांति के लिए दुआ की। करीब पौना घंटा सलानी में बिताने के बाद जनरल रावत ने कृष्णा घाटी में नियंत्रण रेखा के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने नियंत्रण रेखा पर तैनात सेना के जवानों से मुलाकात कर विकट परिस्थितियों में पूरे जोश से देश की सुरक्षा में लगे जवानों की पीठ थपथपाई।