शिविर के दौरान जैविक खाद बनाए जाने के वारे में जानकारी देते हुए। संवाद
- फोटो : RSPURA
आरएस पुुरा। कैथौलिक सोशल सर्विस सोसायटी की और सीमावर्ती गांव सन्दे में शिविर लगा कर किसानों को जैविक खाद को तैयार करने के लिए जागरूक किया गया। इस दौरान स्वर्र्ण लाल भगत ने किसानों को जैविक खाद्य बनाने के बारे में जानकारी दी। साथ ही कहा कि अंधाधुंध रासायनिक खादों के प्रयोग से मृदाशक्ति गिरती जा रही है। ऐसे ही चलता रहा तो एक दशक बाद खेत ऊसर बन जाएंगे।
आगे स्वर्ण लाल ने बताया कि जैविक खाद के प्रयोग से उत्पादन में वृद्धि होती है। साथ ही पेट व शरीर दर्द, अल्सर, कैंसर, हार्ट अटैक, लकवा हड्डियों के कमजोर होने जैसे रोगों से बचाव होता है। इसका प्रयोग गेहूं, चना, मटर, सरसों, मक्का, अरहर और सब्जियों की खेती में कर किसान लाभ उठा सकते है। किसान अधिकाधिक जैविक खाद का प्रयोग करें, तो खेती की लागत में कमी आयेगी। वहीं उत्पादन 25 से 30 फीसदी तक अधिक मिलेगा। इस मौके पर किसानों को जैविक खाद बनाने के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही जैविक खाद बनाकर किसानों को दिखाया गया। सोसायटी की प्रबंधक मधूलिका शर्मा के दिशा निर्देश पर सुभाष चन्द्र की देखरेख में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान पंचायत के नायब सरपंच गारा राम, पूर्ण चंद, थोडू राम, मदन लाल, गीता देवी, रानी देवी, वीणा कुमारी, रजनी देवी सहित अन्य किसान भी मौजूद थे।