तीन अगस्त को दुर्घटनाग्रस्त हुए हेलीकॉप्टर के दूसरे पायलट का आखिरकार शव 75 दिन बाद बरामद हो गया। पहले पायलट का शव हादसे के 12 दिन बाद बरामद हुआ था। गश्त करते वक्त रंजीत सागर झील में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
जम्मू के बसोहली स्थित रणजीत सागर बांध की झील में हेलिकॉप्टर हादसे के बाद से लापता दूसरे पायलट कैप्टन जयंत जोशी का शव मिल गया है। रविवार को तलाश में जुटी टीम ने झील की करीब 70 मीटर की गहराई से शव को निकाल लिया। कैप्टन जयंत जोशी की तलाश 75 दिन से चल रही थी। कैप्टन जोशी की पार्थिव देह को सैन्य अस्पताल पठानकोट ले जाया गया है।
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तीन अगस्त को सेना का हेलिकॉप्टर रंजीत सागर झील में क्रैश हो गया था। इसके बाद से दोनों पायलट लापता थे। एक पायलट के शव को पहले की निकाल लिया गया था, लेकिन पानी उथला होने और झील की ज्यादा गहराई के चलते सर्च व रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरी सफलता नहीं मिल पा रही थी।
सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद के अनुसार युवा सैन्य अधिकारी कैप्टन जयंत जोशी ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। सेना ने अपने जांबाज सैनिकों के लिए सर्च व रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हर संभव तकनीक का इस्तेमाल किया है। इसमें पेशेवर गोताखोर, मल्टी बीम सोनार जैसे उपकरणों से अभियान को अंजाम देने में मदद मिली।