जम्मू। 73वें संशोधन के तहत पूरे अधिकार, प्रशिक्षण और अध्ययन दौरे नहीं होने पर जम्मू संभाग के डीडीसी सदस्य व अध्यक्ष हतोत्साहित होने लगे हैं। इस सबंध में जल्द ही उपराज्यपाल से मुलाकात कर मुद्दों को उठाने की रणनीति बनाई जा रही है, क्योंकि श्रीनगर में मुलाकात के दौरान जम्मू में दरबार लगने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। वहीं, परिषदों के गठन के एक साल बाद भी कोई कदम नहीं उठाने पर रोष व्याप्त है।
सूत्रों के अनुसार प्रदेश में जिला विकास परिषद चुनाव करवाने के बाद सरकार अब गंभीरता से परिषदों की कार्यप्रणाली के बारे में नहीं सोच रही है। जिला स्तर पर योजना और विकास बोर्ड या कमेटियों का गठन नहीं किया गया हैं। परिषद के अध्यक्ष प्रस्तावित कार्यों की टेंडर प्रक्रिया में ही फंस कर रह गए हैं। सदस्यों को पर्याप्त सुरक्षा कवर तक मुहैया नहीं करवाया गया है।
जिला विकास परिषद जम्मू के अध्यक्ष भारत भूषण के अनुसार परिषदों के सदस्यों से लेकर अध्यक्षों तक के लिए अभी तक कोई प्रशिक्षण शिविर नहीं लगाया गया है। किसी तरह का कोई अध्ययन दौरा भी नहीं हुआ है, ताकि देश के अन्य राज्यों में परिषद के कामकाज की जानकारी मिल सके। उनका कहना है कि उपराज्यपाल से श्रीनगर में मुलाकात के दौरान उन्होंने आश्वासन दिया था कि वह जम्मू पहुंचकर परिषद के अध्यक्षों से मुलाकात कर मसलों को विस्तारपूर्वक सुनकर उनका हल करेंगे। उपराज्यपाल अब जम्मू आ चुके हैं। ऐसे में संभाग के सभी जिला परिषदों के अध्यक्ष जल्द ही उनसे मिलने की तैयारी में हैं। इसके लिए जल्द ही तैयारी को अंतिम रूप दिया जाएगा।