शीतकालीन राजधानी जम्मू में सरकार का दरबार छह नवंबर से सजेगा। अगले छह महीने तक सचिवालय सहित अन्य कार्यालय यहीं से संचालित होंगे। श्रीनगर में दरबार 27 अक्तूबर को बंद हो जाएगा। मुख्यमंत्री सचिवालय, राज्य सूचना आयोग, राज्य सतर्कता आयोग, वित्तीय आयुक्त राजस्व, डीजीपी, डायरेक्टर विजिलेंस, मुख्य निर्वाचन अधिकारी सहित विभिन्न आयोग के दफ्तर भी जम्मू में खुलेंगे।
ज्ञात हो कि गर्मियों में छह महीने श्रीनगर और सर्दियों में छह महीने जम्मू में दरबार की परंपरा 145 साल पुरानी है। साल में दो बार दरबार मूव की प्रक्रिया में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। इस परंपरा को खत्म करने की लंबे समय से मांग भी उठती रही है।
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार सप्ताह में पांच दिन तक चलने वाले कार्यालय 27 अक्तूबर और छह दिन वाले 28 अक्तूबर को बंद होंगे। 23 अक्तूबर को एडवांस पार्टियां रवाना होंगी, जिसमें एक गजटेड अधिकारी तथा चार से पांच नॉन गजटेड अधिकारी होंगे।
जम्मू आधारित कर्मचारियों के लिए 28 और 29 अक्तूबर तथा कश्मीर आधारित कर्मियों के लिए चार और पांच नवंबर को जम्मू लाने के लिए एसआरटीसी की ओर से बसों के विशेष प्रबंध किए जाएंगे। कर्मचारियों को बस टिकट 23 अक्तूबर से मिलने लगेंगे।
दरबार मूव से संबंधित फाइलों तथा सामान से भरे वाहनों का काफिला 29 अक्तूबर को श्रीनगर से रवाना होगा। काफिले में पुलिस की कड़ी सुरक्षा रहेगी। जम्मू में सचिवालय सुबह साढ़े नौ से शाम पांच बजे तक काम करेगा। सचिवालय के बाहर के कार्यालय सुबह 10 से शाम चार बजे तक चलेंगे।