जायरा ने यह भी लिखा है कि सबसे पहला अवसाद का झटका उन्हें मात्र 12 वर्ष की उम्र में आया था। उसके बाद से लगातार परेशानी बरकरार है। जब भी अपने परेशानी के बारे में खास लोगों से बातचीत की तो सबने कहा कि उसकी उम्र अभी अवसाद ग्रस्त होने वाली नहीं है।
यह मान भी लिया। अभिनेत्री ने आगे लिखा कि मुझे बताया जाता है कि अवसाद जैसी कोई चीज नहीं है। यह केवल 25 से अधिक उम्र वालों को होती है। मैं वास्तव में यह स्वीकार नहीं कर सकती थी कि मैं अवसाद में हूं। मैं खुद को समझाने का प्रयास भी करती हूं कि मुझे किसी प्रकार का विकार नहीं है।
लेकिन जब कोई कहता कि तुम्हारी उम्र इस बीमारी के लिए बहुत छोटी है तो सिवाय सिर हिलाने के मेरे पास कोई और चारा नहीं होता है। मैं जानती हूं कि ऐसा कर मैं खुद को झुठलाती हूं।
किसी वक्त कोई आ सकता है अवसाद में
इंस्टाग्राम में जायरा ने यह भी लिखा कि अनिद्रा और अवसाद कोई अनुभव नहीं है, यह एक बीमारी है। यह किसी की ख्वाहिश या गलती से नहीं होती। किसी को भी किसी वक्त हो सकता है। आज इस परिस्थिति को समझते हुए मैं बीमारी को स्वीकार करती हूं। इसमें कोई शर्मिंदगी नहीं हो रही है।
यह डर भी नहीं है कि लोग उनकी इस स्थिति के बारे में क्या राय बनाते हैं। फिलहाल अपने काम, स्कूल और सोशल मीडिया की जिंदगी से छुट्टी चाहिए। लिखा कि आगामी रमजान के महीने में इन चीजों से दूरी बनाए रखने की कोशिश करेंगी।
उन्होंने अपनी पोस्ट में इस परिस्थिति में परिवार वालों को साथ देने के लिए शुक्रिया अदा किया और कहा कि मेरी भावनात्मक उतार-चढ़ाव में परिवार के लोग गले लगाते हैं। उन पर भरोसा करते हैं। जायरा ने एक गीत की पंक्ति के माध्यम से लिखा कि उन्हें लोग दुआओं में याद रखें।