जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लोगों में डिजीटल साक्षरता बढ़ाने के लिए अभियान शुरू करने पर जोर दिया। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटी एंड सेफ्टी मैनेजमेंट के 30वें वार्षिक सम्मेलन में वह वर्चुअल मोड से रूबरू हुए।
उपराज्यपाल ने कहा कि आजकल ऑनलाइन का जमाना है। ज्यादातर काम भी ऑनलाइन ही रहे हैं। इस तकनीक का फायदा भी है और नुकसान भी। इस दौरान साइबर सुरक्षा जरूरी है। लोगों से धोखाधड़ी हो रही है। उनके खाते हैक करके पैसे निकाल लिए जा रहे हैं। इसमें लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को भी साइबर सुरक्षा को लेकर काम करना होगा। इसको लेकर हमें उसी तरह बदलाव करना होगा।
उपराज्यपाल ने उद्योगों को एक समर्पित औद्योगिक सुरक्षा कैडर तैयार करने, विशेषज्ञों और ज्ञान भागीदारों को काम पर रखने और उन्हें पर्याप्त प्रशिक्षण प्रदान करके क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है। उन्होंने उद्यम सुरक्षा योजना स्थापित करने और प्रशिक्षित सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ एक स्वचालित प्रक्रिया नियंत्रण प्रणाली स्थापित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान ई कामर्स और एम कामर्स ने वृद्धि दर्ज की है और यह एक स्वच्छ अर्थव्यवस्था और जनता का सशक्तिकरण हो सकता है। औद्योगिक इकाइयों में आईटी अवसंरचना के संदर्भ में हमारे पास फायरवाल, पहुंच नियंत्रण, ट्रांसमिशन के एन्क्रिप्शन और भंडारण, संचार, वायरस के एन्क्रिप्शन जैसी विश्व स्तरीय सुविधाएं हैं। महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में काम कर रहे निजी संस्थानों को आईटी बुनियादी ढांचे को सुरक्षित करने और किसी भी खतरे को कम करने के लिए उनके साथ काम करना चाहिए। उपराज्यपाल ने निरंतर डिजिटल और साइबर जागरूकता अभियानों के लिए कॉलेजों में उत्कृष्टता के केंद्र स्थापित करने और स्थानीय स्तर पर सूचना प्रसार के लिए जोर दिया।