फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू से हटाया गया कर्फ्यू, इंटरनेट सेवा फिर शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
सिखों और पुलिस के बीच हुई झड़प में मारे गए युवक जगजीत सिंह को सैकड़ों लोगों ने शनिवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। जगजीत के पैतृक गांव चोहाला में उसका अंतिम संस्कार किया गया। जगजीत के पिता नरवीर सिंह ने मुखाग्नि दी। इलाके में तनाव को देखते हुए सतवारी से लेकर गांव चोहाला तक पुलिस बल को दूर रखा गया। सिर्फ आरएस पुरा चौक के पास चंद पुलिसकर्मी एहतियातन तैनात किए गए।
विज्ञापन


लेकिन मृतक के गांव के आसपास पुलिसकर्मियों को नहीं भेजा गया। सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह विशेष तौर पर जम्मू पहुंचे और घटना पर शोक जताया। महंत मंजीत सिंह, बाबा स्वर्णजीत सिंह, जेएंडके गुरुद्वारा प्रबंधक बोर्ड के चेयरमैन त्रिलोचन सिंह वजीर, सुदर्शन सिंह वजीर, सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन के नेशनल प्रेसीडेंट परमजीत सिंह खालसा और सेक्रेटरी जनरल मेजर सिंह भी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि जरनैल सिंह भिंडरावाले का बैनर उतारने के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान वीरवार को पुलिस की गोली से जगजीत सिंह की मौत हो गई थी। उसके बाद से हिंसक प्रदर्शन जारी है। प्रशासन को प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगाना पड़ा। शनिवार सुबह ही गांव चोहाला में लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। जम्मू के अलावा अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में सिख अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे। गांव में पहुंचने वाले वाहनों का आलम यह था कि लंबी दूरी तक वाहन ही वाहन नजर आ रहे थे।
विज्ञापन


गांव के शमशान घाट में तिल रखने की जगह नहीं थी। आसपास के खेतों में सिर्फ लोग नजर आ रहे थे। सतवारी से लेकर आरएस पुरा तक सड़क पर सिर्फ गांव चोहाला की ओर जाने वाले वाहन ही नजर आ रहे थे। तमाम दुकानें बंद रहीं। खासकर सतवारी, मीरां साहिब और आरएस पुरा क्षेत्र के बैंक भी बंद रहे। मिली जानकारी के अनुसार अब 11 जून को गांव में ही जगजीत का दसवां होगा।

सिंबल कैंप में होने वाला धार्मिक समागम भी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हुआ, जिसके बैनर उतारने को लेकर विवाद हुआ था। अंतिम संस्कार में राजनीतिक दलों के नेता भी पहुंचे। इनमें पूर्व मंत्री रमण भल्ला, त्रिलोक सिंह बाजवा, बलवंत सिंह मनकोटिया, मंजीत सिंह, तरणजीत सिंह टोनी शामिल थे।

दिनभर शांति, शाम को नारेबाजी से तनाव

शहर में शनिवार को माहौल काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा। सतवारी से लेकर आरएस पुरा तक कर्फ्यू और पूरे जिले में लगाई गई धारा 144 को नजरअंदाज कर लोगों की आवाजाही होती रही। लेकिन दोपहर बाद चौहाला से युवक का अंतिम संस्कार कर लौटे कुछ युवकों ने हुड़दंग मचाया। इसके बाद दोबारा सुरक्षा कर्मियों को तैनात करना पड़ा। दरअसल, युवाओं ने लौटते वक्त नारेबाजी शुरू कर दी।

इसके बाद दो समुदाय में तनाव होने की संभावना बन गई। दोपहर करीब दो बजे तक आरएस पुरा मार्ग पर कोई सुरक्षा नहीं थी। गाडीगढ़, नानक नगर, गांधी नगर, नई बस्ती, सिंबल, इंदिरा नगर, चट्ठा मोढ़ आदि में सुरक्षा बलों को हटा लिया गया था। लेकिन दोपहर करीब 3 बजे फिर से इन इलाकों में सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया। इससे पहले सुबह गोल मार्केट में दो जगहों पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया।

जम्मू के एसएसपी राजीव पांडे ने बताया कि चौहाला से लौटते वक्त कुछ युवाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद उनसे बातचीत की गई और उन्हें समझाया गया। जिन मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था, वो सभी मांगें मान ली गई हैं। यदि इसके बावजूद कोई कानून हाथ में लेता है तो कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद युवा अपने अपने घरों में लौट गए।

दो समुदाय में तनाव होते-होते बचा
नारेबाजी कर रहे युवाओं ने शहर की तरफ आने की कोशिश की। युवकों के आने की भनक लगते ही नई बस्ती के स्थानीय युवक बाहर आ गए। दोनों में तनाव होते होते बच गया। पुलिस ने नारेबाजी करने वाले युवकों को सतवारी के पीछे से ही वापस जाने पर मजबूर कर दिया। यही नहीं, सतवारी से सिख युवकों के शहर की तरफ ग्रुप में आने पर रोक लगा दी गई।

अकाल तख्त जत्थेदार ने शांति बनाने की अपील की

कर्फ्यू और धारा 144 हटाई गई
युवक के संस्कार के बाद माहौल सामान्य होते ही प्रशासन ने कर्फ्यू हटा लिया। डीसी सिमरनदीप सिंह ने बताया कि सतवारी और मीरां साहिब थाना क्षेत्र से कर्फ्यू के अलावा धारा 144 भी हटा ली गई है। इलाके में फ्लैग मार्च के लिए तैनात सेना के वाहनों को भी वापस उनकी यूनिट में भेज दिया गया है।  

श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने सिखों से शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही पुलिस की गोली से हुई मौत की न्यायिक जांच की मांग की है। युवक के अंतिम संस्कार में विशेष तौर पर पहुंचे जत्थेदार सुबह जेएंडके गुरुद्वारा प्रबंधक बोर्ड के चेयरमैन त्रिलोचन सिंह वजीर के निवास पर पहुंचे और सारी घटना की जानकारी ली।

उन्होेंने कहा कि वह मामले की जांच के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से भी बातचीत करेंगे। जत्थेदार ने पुलिस द्वारा निहत्थों पर गोली चलाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। साथ ही कहा कि एसजीपीसी की ओर से पीड़ित परिवार को हर तरह से मदद दी जाएगी।

विज्ञापन

स्कूल कालेज लगातार दूसरे दिन बंद

मोबाइल पर इंटरनेट सेवा ठप
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबरें और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन की ओर से जम्मू संभाग में शुक्रवार से बंद की गई मोबाइल इंटरनेट सेवा शनिवार को भी ठप रही। इससे लोग इंटरनेट के अलावा व्हाट्स ऐप, फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल साइट से वंचित रहे लेकिन देर रात इंटरनेट सेवाएं शुरू कर दी गईं।

स्कूल कालेज लगातार दूसरे दिन बंद
तनावपूर्ण माहौल के बाद शनिवार को संभाग के संवेदनशील पांच जिलों में शनिवार को भी तमाम शिक्षण संस्थान बंद रहे। जम्मू के अलावा सांबा, कठुआ, राजोरी और पुंछ में प्रशासन ने स्कूल और कालेजों में पहले ही छुट्टी की घोषणा कर दी थी। साथ ही तमाम परीक्षाओं को स्थगित कर दिया था। स्थगित होने वाली परीक्षाओं की नई तिथि बाद में घोषित की जाएगी।

मंजीत सिंह बने नए एसएचओ
सतवारी थाने में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मंजीत सिंह को एसएचओ बनाकर भेजा गया है। इससे पहले मंजीत सिंह क्राइम ब्रांच में तैनात थे। विवाद गंभीर होने के बाद सतवारी थाना एसएचओ चौधरी कुलबीर को लाइन में अटैच कर दिया गया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें