जेकेएलएफ के संस्थापक मकबूल भट की बरसी पर कश्मीर में अलगाववादियों ने लगातार तीसरे दिन भी रखा। जेकेएलएफ ने लाल चौक चलो की कॉल दी थी। हालातों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने श्रीनगर समेत घाटी के अन्य संवेदनशील इलाकों में कड़ी पाबंदियां लागू की थीं।
बंद का आह्वान मकबूल भट की अस्थियां घर वालों को सौंपने की मांग पर किया गया था। भट को 11 फरवरी, 1984 में दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी। प्रशासन द्वारा बुधवार को भी लाल चौक समेत आसपास के इलाकों में पाबंदियां लागू की गई थीं।
रैनावाड़ी, नौहट्टा, एमआर गंज, सफाकदल, क्त्रसलखुड़ और मायसुमा थाना क्षेत्रों के तहत आने वाले इलाकों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लागू की गई थीं। सड़कों पर कंटीले तार लगाए गए थे।
जगह-जगह जवानों की भी तैनाती की गई थी। उधर सोपोर, बारामुला, त्रेहगाम, पुलवामा, कुलगाम, अनंतनाग, शोपियां आदि इलाकों में भी सख्त पाबंदियां थीं। इस दौरान क्षेत्र में दुकानें, कारोबारी इदारे आदि बंद रहे।
सड़कों पर यातायात भी नहीं के बराबर दिखा। श्रीनगर-बानिहाल रेल लाइन पर भी सेवाएं स्थगित रहीं। जेकेएलएफ के चेयरमैन यासीन मलिक तीसरे दिन भी पुलिस हिरासत में रहे।