जुमे की नमाज के बाद घाटी में एक बार फिर से हिंसा भड़क उठी। भीड़ ने बांदीपोरा में आर्मी गुडविल स्कूल और सुंबल थाने पर हमला किया।
सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी की। हिंसक भीड़ को खदेड़ने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे और पेलेट गन का भी इस्तेमाल किया।
घाटी भर में 35 से अधिक पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं। हिंसा में 50 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। पुलिस के खदेड़ने पर वीरवार को झेलम नदी में कूदे छात्र का शव शुक्रवार को बरामद कर लिया गया। हालांकि, पुलिस ने खदेड़ने से इनकार किया है।
श्रीनगर के कई इलाकों में दोबारा लगा कर्फ्यू
घाटी में हिंसा जारी
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उधर, हुर्रियत के जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए श्रीनगर सहित कई इलाकों में दोबारा कर्फ्यू लगा दिया गया।
अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, बारामुला व पट्टन में कर्फ्यू रहा। चार या चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है। वहीं आतंकियों की धमकी के बाद अब कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक दलों से इस्तीफा देना शुरू कर दिया है।
उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के ही नौपोरा और गुलशन चौक के अलावा जुमे की नमाज के बाद अजर इलाके में भी हिंसा हुई। युवाओं ने विरोध रैली निकाली। सुरक्षा बलों द्वारा इसे रोकने की कोशिश की गई तो पथराव शुरू हो गया। जामिया मस्जिद से देश विरोधी रैली निकाली गई। इस दौरान राष्ट्र विरोधी नारेबाजी की गई।
60 से ज्यादा राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने दिए इस्तीफे
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नूसू, हजाम तथा निब्रीपोरा के अलावा अजर, अयातमुल्ला, कलूसा, अष्टेंगू, अलूसा, केहनूसा, पपछान, हाजिन व नैदखानी में भी रैलियां निकाली गईं। श्रीनगर के डाउन टाउन इलाके के काका सराय में महिलाओं तथा पुरुषों ने रैली निकाली। रोके जाने पर पथराव किया।
नाडिहाल गांव में भी देश विरोधी रैली हुई। यहां 60 से अधिक राजनीतिक कार्यकर्ताओं तथा तीन पूर्व सरपंचों ने इस्तीफे की घोषणा की। श्रीनगर के शिवपोरा इलाके में हाईवे की ओर जाने से रोकने पर हिंसक झड़पें हुईं। बारामुला के सीमेंट ब्रिज, पलहलान, पट्टन, सिंहपोरा, कुंजर, टंगमर्ग तथा बंगदारा में भी देश विरोधी प्रदर्शन हुए।