अखनूर। सेना के जवान सुखजिंदर सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार को पैतृक गांव टांडा पहुंचा। यहां उन्हें सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार में काफी संख्या में लोग शामिल हुए। सुखजिंदर सिंह की तैनाती सियाचिन ग्लेशियर में थी। जहां उनकी अधिक ठंड से तबियत बिगड़ गई। उनका इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा था। मंगलवार को उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
बुधवार को सुखजिंदर सिंह का शव पैतृक गांव टांडा में पहुंचने पर परिवार के सदस्य सहित ग्रामीण शोक में डूब गए। सुखजिंदर सिंह पुत्र राज सिंह (रिटायर) की एक साल पहले ही शादी हुई थी। उसका दो माह का बेटा भी है। बताया जाता है कि उसने अब तक बेटे को देखा भी नहीं था। पत्नी सरनजीत कौर पति का इंतजार कर रही थी, जो तीन दिन बाद छुट्टी पर आने वाला था। सुखजिंदर सिंह का भाई भी सेना में कार्यरत है। वह तंगधार में तैनात है। परिवार में माता-पिता के अलावा दादा-दादी भी हैं। सुखजिंदर सिंह के शव को पिता ने मुखाग्नि दी। साथ ही सेना के जवानों ने सैनिक सामन के साथ अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर प्रशासन के अधिकारियों सहित गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।