फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएसएफ ने संयुक्त भारत खुशहाल भारत कार्यक्रम का किया आयोजन

विज्ञापन
विज्ञापन
परगवाल। सीमा क्षेत्र परगवाल की अकिग्रम चौकी जमुना बेला में शुक्रवार को सीमा सुक्षा बल की 92 वीं वाहिनी ने संयुक्त भारत खश्ुहाल भारत नाम एक कार्यक्रम का आयाजन किया, जिससे सरहद पर रहने वाले लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम का मकसद सरहद पर रहने वाले लोगों को पेश आ रही समस्याओं से निजात और आपसी सहयोग और भाई चारा कायम रहे, इसलिए आयोजित किया गया। इस बैठक में कमांडेट जेके विरदी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस बैठक में लोगाें ने जहां अपनी समस्याओं को सीमा सुरक्षा बल के सामने रखीं वहीं सीमा सुरक्षा बल ने भी लोगों की समस्याओं को गंभरीरता से लेते हुए उसे तुरंत हल करने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर कमांडेंट जेके विरदी ने किसानों को किसी भी तरह की समस्या होने पर तुुरंत सीमा सुरक्षा बल से संपर्क करने ेके लिए भी कहा। वहीं किसानों ने भी सीमा सुरक्षा बल के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि सीमा सुरक्षा बल सरहद पर रहने वाले लोगों के साथ हमेशा खड़ी रहती है वहीं पिछले दिनों भारत दर्श पर गए कुछ लोगां का कहना था कि गांव में रहकर वह भार दर्शन पर जाने के बारे में सपने भी भी सोच नहीं सकते थे लेकिन सीमा सुरक्षा बल ने उनको भारत दर्शन पर भेजकर बहुत ही सराहनीय काम किया है। जो बाद में भी जारी रहना चाहिए। वहीं कमांडेंट का कहना था कि सीमा सुरक्षा बल समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम अयोजित करती रहे।
विज्ञापन

-----------
बीएसएफ ने सुनीं किसानों की समस्याएं
अखनूर। कस्बे बीएसएफ की 92वीं वाहिनी की तरफ से यूनाइटेड इंडिया बेस्ट इंडिया की तर्ज पर सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को सुना गया। इसमें वाहिनी के कमांडेंट जेपी विर्दी ने किसानों को खेती संबंधित समस्याओं को सुना और आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का जल्द ही समाधान किया जाएगा।
इस मौके पर कई पंचायतों के पंचों सरपंचों ने भी भाग लिया। वाहिनी के कमांडेंट ने उपस्थित लोगों के कई प्रश्नों के उत्तर भी दिए। लोगों ने कहा कि हम बीएसएफ का धन्यवाद करते हैं, क्योंकि वह एक तरफ सीमा पर हम लोगों की रक्षा के लिए कार्य कर रही है और दूसरी ओर कई प्रकार के कार्यक्रम करके भलाई कर रही है। स्थानीय निवासी मदन लाल ने बताया कि वाहिनी द्वारा कुछ समय पहले बुजुर्गों को भारत दर्शन के लिए भेजा, जिससे उन्हें भी पूरे भारत वर्ष में घूमने का मौका मिला। वह चाहते हैं कि इस तरह के कार्यक्रम आगे भी चलाये जाएं, जिससे कई और लोग जो भरत वर्ष में घूमने में असमर्थ हों वह भी अपने भारत वर्ष के दर्शन कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें