जम्मू। इतिहास पर नजर डालें, तो कुछ ऐसे पहलू भी सामने आते हैं, जिसकी कल्पना से ही मन सिहर जाता है। इंसान का इंसान को धन, सत्ता और जमीन के लिए खून की नदियां तक बहा देने की यह प्रवृत्ति शर्मसार भी करती हैं। इतिहास के इन्हीं अनछुए पहलुओं को शनिवार को अभिनव थियेटर में रंगीला नाट्य उत्सव में घाटी थियेटर देहरादून द्वारा मंचित नाटक ‘बाकी इतिहास’ में दिखाया गया।
बादल सरकार लिखित नाटक में दो पात्र जो पति-पत्नी होते हैं। दोनों आत्महत्या करने वाले एक पात्र सीतनाथ पर कहानी लिखते हैं। पत्नी की कहानी स्त्री विमर्श से प्रभावित होती है, जबकि उसके पति की कहानी में आत्महत्या करने वाले पुरुष का पक्ष रखा गया है। दोनों के बीच इसको लेकर बहस होती है कि इतिहास के बाकी पात्रों की तरह बाकी इतिहास को ढो रहे हैं। नाटक में बृजेश नारायण, रंजीत्र मोहित का अभिनय सराहनीय रहा।