बाड़ी ब्राह्मणा। बीरपुर दाता तालाब क्षेत्र में दाता रणपत देव की अर्ध वार्षिक मेल रविवार को धूमधाम से मनाई गई। इसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने माथा टेककर आशीर्वाद लिया।
दाता तालाब में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना लग गया। लोगों ने आस्था के साथ दाता रणपत देव स्थान पर हाजिरी लगाई। देवस्थान पर सबसे पहले लोग दाता तालाब सरोवर में डुबकी लगाने के लिए चले जाते और फिर मंदिर में दाता रणपत देव के आगे शीश झुका कर परिवार की कुशलता की कामना करते हैं। मन्नत पूरी होने पर ढोल नगाड़ों के साथ देव स्थान पर माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं। जैसे ही समय बीत गया श्रद्धालुओं का आना कम होने लगा। इसका मुख्य कारण कोरोना के कारण 3 बार मेल रद्द हो चुकी थी। दाता रणपत देव कमेटी द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए। जगह-जगह सेवादार लोगों की सुविधा के लिए लगे थे।
श्रद्धालु दरबार में आकर स्नान ग्रहण करने के बाद शीश नवाते हैं। दूसरा दर्शन दाता रणपत देव देरा में दर्शन के लिए जाते हैं, तीसरा दर्शन दाता देवस्थान बीरपुर में जाते हैं। दाता तालाब में स्नान करने का अपना महत्व है। इसमें किसी भी प्रकार के रोग का नाश हो जाता है। इसके तहत लोग सरोवर में स्नान करने के बाद मन्नत मांगते हैं।
मान्यता के अनुसार सडोत्रा ब्राह्मण और चाढ़क राजपूत बिरादरी के लोग इस मेल को धूमधाम से मनाते हैं। उसके अलावा दूरदराज के क्षेत्रों से भी राज्य के बाहरी क्षेत्रों से भी लोग यहां आकर धन्य मानते हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए। देवस्थान पर पुलिस तैनात रही। उसके अलावा यातायात विभाग के कर्मचारी नियुक्त रहे। देवस्थान पर पुलिस के अफसरों के अलावा नेता भी हाजिरी लगाने पहुंचे। देव स्थान पर खाने पीने की दुकानें, बच्चों के लिए झूला और खिलौनों के स्टाल भी लगे थे। मेल में आए लोगों ने माथा टेकने के बाद लंगर ग्रहण किया।