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उत्साह के साथ अदा की गई अलविदा की नमाज

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बाड़ी ब्राह्मणा में तेली बस्ती स्थित जामा मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे लोग।
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जम्मू। रमजान माह के चौथे जुमा (अलविदा) की नमाज उत्साह के साथ अदा की गई। नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान विश्व में शांति और भाईचारा मेल व्यवहार बढ़ाने की दुआ मांग गई।
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रमजान माह के दौरान पड़ने वाले जुमा (शुक्रवार) को काफी अहम माना जाता है। इसके साथ ही माह का अंतिम जुमा और भी विशेष माना जाता है। आखिरी जुमे की नमाज अलविदा के तौर पर अदा की जाती है। उलेमाओं के मुताबिक माहे रमजान में अल्लाह की इबादत के लिए अगर एक रकअत नमाज पढ़ी गई तो उसका सवाब (पुण्य) 70 रकअत नमाज के बराबर मिलता है। इसके अलावा इस पवित्र माह में की गई एक भी अच्छे काम के बदले 70 नेकी मिलती है। इस पूरे माह मुसलमान अल्लाह की इबादत में रहते हैं और यह रहमत बरसाने वाला महीना अब उनसे जुदा हो रहा है। अगले वर्ष न जाने उनकी जिंदगी में महीना नसीब हो भी या नहीं।
बाड़ी ब्राह्मणा तेली बस्ती स्थित जामा मस्जिद के इमाम व खतीब फारूक कासमी ने बताया कि रमजान माह में अल्लाह अपने बंदों पर रहमत की बारिश करता है। इस पूरे रमजान माह को तीन असरे में बांटा गया है। यह आखिरी असरा चल रहा है। इसमें 21, 23, 25, 27 और 29 रमजान काफी अहम हैं। इन दिनों दिन रात अल्लाह की इबादत की जाए। कुरान पाक की तिलावत की जाए, नफिल नमाजें पढ़ी जाएं।
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ईद की नमाज से पहले करें फितरा की अदायगी
परिवार के मुखिया पर अपने बीवी और बच्चों के लिए फितरा की अदायगी करना जरूरी होता है। इसी अदायगी ईद की नमाज से पहले कर देनी चाहिए। परिवार में अगर एक दिन भी बच्चा है तो उसके लिए भी फितरा की अदायगी वाजिब है। इसमें सबसे छोटी इकाई के रूप में करीब पौने दो किलो गेहूं की कीमत (तकरीबन 52 रुपये) एक शख्स के लिए अदा करना है। जिनकी हैसियत इससे ज्यादा हो वह अधिक अदा करते हैं।
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ईद की नमाज 7.30 बजे पढ़ी जाएगी
बाड़ी ब्राह्मण में तेली बस्ती स्थित जामा मस्जिद में ईद की नमाज सुबह 7.30 बजे अदा की जाएगी। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे समय पर पहुंचें और ईद की नमाज अदा करें।
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