सांबा। जिले के बाडी ब्राह्मणा स्थित सिडको मैदान बीरपुर कांप्लेक्स में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में जनक शास्त्री ने प्रवचन में कहा कि जो मनुष्य श्रीमद्भागवत कथा को आत्मसात कर लेता है, वह सांसारिक दुखों से मुक्त हो जाता है।
कथावाचक ने कहा कि जीवन में यदि मान, बड़ा पद या प्रतिष्ठा मिला जाए तो उसे ईश्वर की कृपा मानकर भलाई के काम करना चाहिए। यदि उसका जीवन में किंचित मात्र भी अभिमान हुआ तो वह पाप का भागीदार बना देता है। अहंकार से भरे राजा परीक्षित ने जंगल में साधना कर रहे शमीक ऋषि के गले में मरा हुआ सर्प डाल दिया। परिणामस्वरूप राजा परीक्षित को एक सप्ताह में मृत्यु का शाप मिला। जब परीक्षित ने अपने सिर से स्वर्ण मुकुट उतारा तो उनसे कलियुग का प्रभाव समाप्त हो गया। उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ। तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जनक शास्त्री ने कहा कि जब-जब भगवान के भक्तों पर विपदा आती है तब भगवान उनके कल्याण के लिए सामने आते हैं। परीक्षित को भवसागर से पार लगाने के लिए अब भगवान शुकदेव के रूप में प्रकट हो गए और श्रीमद्भागवत कथा सुनाकर परीक्षित को अपने चरणों में स्थान प्रदान किया। उन्होंने महाभारत के कई प्रसंग भी सुनाए। कथा श्रवण मधुर भजनों ने उपस्थित भक्तों के मन को प्रभुलित कर आनंदित हो सुने कथा के बाद आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया । इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
पूर्णिमा पर लोगों ने सत्यनारायण की पढ़ी और सुनीं
विजयपुर। पूर्णिमा पर लोगों ने सुबह स्नान कर पूजा अर्चना की और व्रत रखा। बुधवार को लोगों ने सत्यनारायण की कथा सुनी और पढ़ी। लोगों ने बताया कि पूर्णिमा के दिन पूजा अर्चना करने, व्रत रखने से हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस मौके पर द्वारिकापुरी आश्रम के संचालक कुलदीप शास्त्री ने सत्संग किया। इसमें लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। कुलदीप शास्त्री ने कहा कि राम नाम सबसे बड़ा नाम है। इसको हर समय लेते रहना चाहिए। इससे हर प्रकार का कष्ट दूर होता है। श्रद्धालुओं के लिए भंडारा लगाया गया। संवाद
काली माता मंदिर देरियां में जगराता 18 को
ज्यौड़ियां। खौड़ के गांव देरियां स्थित काली माता के मंदिर 18 फरवरी को जगराता और भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। इसकी जानकारी स्थानीय निवासी अजय शर्मा, दीपक और डॉ. बलवीर सिंह चिब ने दी। उन्होंने बताया कि मंदिर में हर साल यह आयोजन किया जाता है। क्षेत्र के लोगों से प्रार्थना है जगराते में शामिल होकर शोभा बढ़ाएं और प्रसाद ग्रहण करें। अजय शर्मा ने बताया कि सुबह दस बजे हवन किया जाएगा। दोपहर एक बजे से शाम तक भंडारा चलेगा तथा शाम को जगराते का आयोजन किया जाएगा। संवाद