संबा के नड में स्वतंत्रता सेनानी मुंशी राम का परिवार। संवाद
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सांबा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को आजादी का अमृत महोत्सव के तहत मनाने की तैयारियों के बीच स्वतंत्रता सेनानी मुंशी राम का नाम भी भुलाया नहीं जा सकता।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस व महात्मा गांधी के साथ रह चुके मुंशी राम ने आजाद हिंद फौज में शामिल होकर अंग्रेजों के साथ लड़ाई में भाग लिया। जिले की नड ब्लॉक में रह रहे मुंशी राम के पोते यशपाल ने बताया कि उनके दादा के पद चिह्नों पर चलते हुए उनके पिता व चाचा ने भी सेना में अपनी सेवाएं दी हैं। उसके बाद मैंने भी सेना में भर्ती होकर देश सेवा की है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से उनके दादा को पेंशन दी जाती थी, जबकि राज्य सरकार की ओर से उन्हें कोई योगदान नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि उनके दादा मुंशी राम का 25 अगस्त 2018 को स्वर्गवास हो गया था। उसके बाद से उनके परिवार के साथ किसी ने भी संपर्क नहीं किया। जैसे अब केंद्र सरकार की ओर से गांधी जयंती को विशेष रूप से मनाने का कार्यक्रम है। उन्हें सुकून मिला है कि कम से कम स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया जा रहा है।