सांबा। कस्बे के बॉर्डर मार्ग पर स्थित लार्ड कृष्णा हाई स्कूल में वीरवार को अमर उजाला की ओर से मेधावी छात्र समारोह का आयोजन किया गया। इस में उपायुक्त रोहित खजूरिया ने मेधावी विद्यार्थियों को प्रतीक चिह्न, मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। उपायुक्त के हाथों सम्मान मिलने आशीर्वाद मिलने से विद्यार्थियों के चेहरों पर भविष्य के सपने साकार होने की मुस्कान सी खिल गई।
उपायुक्त रोहित खजुरिया ने दो बार अमर उजाला का आभार जताया कि अमर उजाला ने हमें ऐसे कार्यक्रम में बुलाया है। अमर उजाला का यह प्रयास सराहनीय है। उन्होंने बच्चों से कहा कि कोविड-19 ने सब कुछ सीमित कर दिया है। इसके चलते छात्रों की पढ़ाई भी बाधित हुई है। बच्चे काफी मुश्किल दौर में गुजर रहे हैं। फिर भी वह अपनी कोशिश जारी रखें।
जिला मुख्य योजना अधिकारी सुखलीन कौर ने बच्चों को मुबारकबाद दी। कहा वह अच्छे अंक लेकर पास हुए हैं। भविष्य में भी अच्छे अंक लेकर किसी मुकाम पर पहुंचे। आप में से ही ऊंचे पदों पर पहुंचेंगे। इसलिए अपनी कोशिश जारी रखें।
कार्यक्रम में 7 मेधावी छात्रों को मेडल व प्रशंसा पत्र दिए। इस अवसर पर म्यूनिसिपल काउंसिल के चेयरमैन पवन कोहली, पार्षद तारा चंद, स्कूल प्रधानाचार्य कश्मीर सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
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अभिभावकों ने भी जताई खुशी
सांबा। कार्यक्रम में मेधावी छात्र मास्क पहन कर पहुंचे। उन के पास सैनिटाइजर भी थे। अभिभावक भी मास्क पहने हुए थे। अमर उजाला की ओर से मेधावी छात्र सम्मान समारोह में छात्रों के साथ उनके परिजनों के चेहरे भी चहक उठे। रिदिमा के पिता का कहना था कि उन्हें बहुत खुशी हुई है कि अमर उजाला की ओर से छात्रों का सम्मान किया गया है, वह भी उपायुक्त के हाथ से।
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कोई बनना चाहता है इंजीनियर, कोई वैज्ञानिक
किसी ने संजोया सिविल सर्विस में जाने का सपना
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के मेधावी छात्र बडे़-बडे़ सपने संजोए हैं। 12 वीं कक्षा में चौथ स्थान लेने वाले छात्र लवीश इंजीनियर बन कर देश की सेवा करने का सपना संजोए हुए हैं। लवीश के अनुसार गांव में रह कर भी अच्छा मुकाम हासिल किया जा सकता है। कोई भी काम न मुमकिन नहीं है। मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करने से जरूर मुकाम मिलता है।
लवीश माता-पिता के साथ स्कूल के शिक्षकों को इसका श्रेय देते हैं। चौथा स्थान पाने वाले विशाल वर्मा का वैज्ञानिक बनने का ख्वाब है। उन्होंने बताया कि चौथा स्थान हासिल करने के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की है। उन्होंने अपना टाइम टेबल बना रखा था। उनके परिजनों का भी पूरा सहयोग मिला। स्कूल प्रबंधन की ओर से भी पूरा सहयोग मिला है। चौथी पोजिशन लेने वाले सुमित कुमार का कहना था कि वह यूपीएससी की सिविल सर्विस में जाने के इच्छुक हैं। इसके लिए वह कोचिंग भी ले रहे हैं। अपनी पोजिशन का श्रेय माता पिता के साथ स्कूल प्रबंधन को दे रहे हैं। सुमित का कहना है कि जरूरी नहीं है कि शहरों में रह कर ही अच्छे अंक लिए जा सकते हैं। वह गांव में रह कर इस मुकाम पर पहुंचे हैं। आगे भी वह अपने मुकाम पर पहुंचने के लिए पूरे प्रयास कर रहे हैं। छठी पोजीशन लेने वाले अंकुश चौधरी शिक्षा विभाग में जाकर देश सेवा करने की सोच रहे हैं। अंकुश के अनुसार की उन्हें शुरू से ही शिक्षा के क्षेत्र में जाने का मन है।
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अध्यापकों के सहयोग से इस मुकाम पर पहुंचा
विजयपुर। हर साल की तरह इस बार भी अमर उजाला ने अच्छे अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को ट्राफी और बुके देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि उपायुक्त रोहित खजूरिया ने इनको ट्रॉफी और बुके देकर इनका हौसला बढ़ाया। उपायुक्त ने भी अमर उजाला का धन्यवाद किया।
लवीश कुमार निवासी अरनिया ने 98 फीसदी अंक लेकर माता-पिता और जिले में नाम रोशन किया। लवीश ने बताया कि पिता सत्यपाल, माता प्रवीता कुमारी और अध्यापकों के सहयोग से इस मुकाम पर पहुंचे हैं। इतने ज्यादा अंक लेना मामूली बात नहीं है। इन सबका सहयोग मिला और आज जो मुझे अमर उजाला ने सम्मानित किया है मैं उसका बहुत आभारी हूं। क्योंकि ऐसी हौसला अफजाई करना आने वाले भविष्य के लिए भी बहुत जरूरी है। क्योंकि कुछ लोग अपनी मंजिल पर तो पहुंच जाते हैं, लेकिन हौसला अफजाई मान सम्मान न मिलने के कारण मानसिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ता है। मगर मैं अमर उजाला का बहुत आभारी हूं, जिन्होंने मुझे इतना मान सम्मान दिया। क्योंकि पढ़ाई करके अच्छे मुकाम पर पहुंचना हर एक का सपना होता है, लेकिन जब कोई हौसला आफजाई करता है तो उसको बहुत अच्छा लगता है। आगे बढ़ने की उमंग जाग जाती है।