-श्रीनगर में डब्ल्यूसीसी के 60वें जयंती समारोह का सिन्हा ने किया उद्घाटन
- कहा, हमारा उद्देश्य वैश्विक सहयोग पर भी ध्यान केंद्रित करना
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि मेड इन जम्मू-कश्मीर उत्पाद दुनिया भर में मशहूर हों, इसके लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। हम शिल्प को पर्यटन में एकीकृत करने, जम्मू-कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों को आकर्षित करने व स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर काम कर रहे हैं।
एलजी ने मंगलवार को श्रीनगर में विश्व शिल्प परिषद (डब्ल्यूसीसी) के 60वें वर्षगांठ समारोह का उद्घाटन किया। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र की जबरदस्त क्षमता को उजागर करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों पर रोशनी डालते हुए कहा, हमारा उद्देश्य वैश्विक सहयोग पर ध्यान केंद्रित करना और भारत की इन अमूल्य कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत के लिए लोगों के जुड़ाव को बेहतर बनाना है। हम पर्यटन उद्योग बढ़ाने के लिए जम्मू-कश्मीर को प्रमुख सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने पर भी काम कर रहे हैं।
एलजी ने कहा, जम्मू-कश्मीर ऊन प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और हथकरघा नीति 2020 की अधिसूचना, सहकारी समितियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए वित्तीय सहायता योजना, कारीगरों और बुनकरों के लिए क्रेडिट कार्ड योजना, कारखानदार योजना, शिल्प बाजार की परंपरा का पुनरुद्धार, प्रामाणिकता की मुहर के लिए पहल, कालीनों के लिए क्यूआर कोड, आधुनिक पैकेजिंग, शिल्प समूहों का निर्माण और सहकारी समितियों को बढ़ावा देना आदि कई प्रमुख पहल समग्र विकास और हमारे प्रतिभाशाली कारीगरों और उद्यमियों को सशक्त बनाने के प्रति हमारे दृढ़ संकल्प का प्रमाण हैं।
कमला देवी को दी श्रद्धांजलि
सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर सभी कारीगरों की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कारीगरों और उद्यमियों को सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। भारतीय शिल्प की अग्रणी और विश्व शिल्प परिषद की संस्थापकों में से एक कमला देवी चट्टोपाध्याय को श्रद्धांजलि दी।