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Jammu News: शहर में गूंजे महाराजा हरि सिंह के जयघोष

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महाराजा हरि सिंह प्रतिमा बिक्रम चौक पर महाराजा हरि सिंह की जयंती के दौरान नृत्य करते लोग।संवा - फोटो : विश्वविद्यालय
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पूर्व संध्या से शुरू हुआ उत्सव मंगलवार देर शाम तक रहा जारी
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पर्व की तरह मनाई जयंती, रैलियों में राजपूत समुदाय ने महाराज को याद किया



तवी पुल पर प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण, 130 किलो का लड्डू बांटा गया

अमर उजाला ब्यूरो



जम्मू। महाराजा हरि सिंह की जयंती को मंगलवार को उत्सव की तरह मनाया गया है। युवा राजपूत सभा की ओर से बन तालाब से लेकर तवी पुल तक रैली निकाली गई। इसमें डोगरा परिधान में बाइक पर सवार युवा आकर्षण का केंद्र रहे। इस दौरान शहर के एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक महाराजा के जयकारे गूंजते रहे। रैली से राज्य का दर्जा बहाल करने की भी मांग उठी।
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बनतालाब में सुबह 11 बजे रैली में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में राजपूत समुदाय के लोग एकत्र हो चुके थे। यहां पर पहले महाराजा हरि सिंह को याद किया गया। इसके बाद 11:30 बजे रैली शुरू हुई। रैली के जानीपुर पहुंचने पर प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद रैली आगे बढ़ी। दोपहर 12 बजे तक इसमें ट्रैक्टर और बुलेट लेकर भी युवा शामिल हुए। एक बजे रैली कच्ची छावनी पहुंची। यहां गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसमें अलग-अलग धर्मों के लोग शामिल हुए। इस बीच रैली पलोड़ा, न्यू प्लाट, अंबफला, पंजतीर्थी, सीपीओ चौक, परेड, शालीमार, इंदिरा चौक, गुम्मट से भी गुजरी। इस बीच करीब तीन बजे ज्वेल चौक से होते हुए अलग-अलग जगहों से पहुंचे लोगों ने भी तवी पुल पर स्थित महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा स्थल पर पहुंच पुष्पांजलि अर्पित की। यहां जेसीबी की सहायता से युवा राजपूत सभा के अध्यक्ष संजीव सिंह रिंकू ने महाराजा को हार पहनाया। इसके साथ ही जश्न का माहौल शुरू हो गया, जो शाम छह बजे तक चला। इस दौरान लोगों में 130 किलो का लड्डू वितरित किया गया। इसी तरह सुबह करीब साढ़े 12 बजे इंडियन यूनाइटेड राजपूत फडरेशन की ओर से भी पलोड़ा मार्ग से रैली निकाली गई। ये रैली भी तवी पुल पर पहुंची और महाराजा की प्रतिमा को मार्लापण किया। इस दौरान डोगरी गीतों पर युवा झूमते नजर आए। वक्ताओं ने कहा कि महाराजा हरि सिंह के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने जम्मू कश्मीर के लोगों को अधिकार दिलाए। उनके कार्यकाल में प्राइमरी शिक्षा को अनिवार्य किया गया। महिलाओं को अधिकार मिले। हमें हिंदोस्तानी कहने का गौरव भी महाराजा को जाता है, ये उनके प्रयासों से ही संभव हुआ। इसके अलावा अन्य संगठनों से भी लोग प्रतिमा स्थल पर पहुंचे और जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए।
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इन जगहों में बंटा प्रसाद



रूपनगर, जानीपुर, पलौड़ा, न्यू प्लाॅट, कच्ची छावनी, शालामार




रैली में ये मांगें उठीं

- राजपूत हाॅस्टल का निर्माण



- राजपूत वेलफेयर बोर्ड का गठन

- प्रदेश को राज्य का दर्जा



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