आरएस पुरा। गांव बासपुर में स्थित नर्मदेश्वर महादेव शिव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का वीरवार को भंडारे के साथ समापन हुआ। इस मौके पर दुर्गा के नौ स्वरूप को पूजने का महत्व बताया गया।
इस दौरान पंडित अशोक शास्त्री ने पंडाल में मौजूद संगत को श्रीमद्भागवत कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि नवरात्र एक ऐसा मौका होता है, जिसमें लोगों के दुर्गा के नौ स्वरूप को पूजने का और उनकी ऊर्जा प्राप्त करने का मौका मिलता है। मां दुर्गा इन नौ दिनों के लिए धरती पर आकर अपने भक्तों को कृतार्थ करती हैं। इस मौके पर लोग माता का जगराता करते हैं। नौ दिनों तक उनकी पूजा करते हैं। व्रत रखते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो यह जान लीजिए कि पूजा के दौरान नवरात्र की व्रत कथा भी सुनने का प्रावधान है। व्रत कथा सुने बिना आपकी पूजा का पूरा फल आपको नहीं मिलेगा। हर एक प्राणी को मां दुर्गा के नाम का जाप करना चाहिए, जिससे सभी प्रकार के कष्ट सदा के लिए दूर चले जाते हैं। बाद में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान आयोजक मंदिर समिति के चेयरमैन श्रवण सिंह, प्रधान सेवानिवृत्त कैप्टन गिरधारी लाल, महासचिव राम सिंह, जोगिंद्र सिंह, मंजीत सिंह और गुरबचन सिंह मौजूद थे।