- 38 स्टॉलों पर हाथों से तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी, महिलाएं बता रहीं बनाने की कला
- क्रोशिया, सॉफ्ट टॉय, खजूर के पत्तों की टोकरी और हाथ से बुने स्वेटर ने खींचा ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। महिलाओं के हुनर, रचनात्मकता और पारंपरिक हस्तकला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को परेड स्थित ब्राह्मण सभा में आर्टिजन बाजार लगाया गया। इसमें कुल 38 स्टॉल लगाए गए, जिनमें जम्मू के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने हाथों से तैयार उत्पाद प्रदर्शित किए।
बाजार में महिलाओं और युवतियों की भागीदारी ने पारंपरिक हस्तकला के रोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़े महत्व को सामने रखा। आयोजन के माध्यम से स्थानीय कला को संरक्षित करने और महिलाओं के हुनर को पहचान दिलाने का प्रयास किया गया है।
बाजार में महिलाओं ने उत्पादों की बिक्री के साथ उन्हें बनाने की प्रक्रिया भी दिखाई। कार्यक्रम की आयोजक कलाकार प्रिया गुप्ता हैं। उद्घाटन समारोह में कुंवरानी रितु सिंह और विधायक युद्धवीर सेठी मौजूद रहे।
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क्रोशिया से गजरे, पायल और फ्लावर पॉट बना रहीं रजनी
रजनी ने अपने स्टॉल पर क्रोशिया से तैयार गजरे, परांदे, पायल और फ्लावर पॉट प्रदर्शित किए। वह घर पर ही ये उत्पाद तैयार करती हैं और अब तक करीब 20 से 30 महिलाओं को क्रोशिया का हुनर सिखा चुकी हैं। बाजार में उन्होंने उत्पाद बनाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया, ताकि दूसरी महिलाएं इस कला को सीखने के लिए प्रेरित हों।
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20 साल से सॉफ्ट टॉय बनाने में जुटीं सिम्मी धर
सिम्मी धर ने बच्चों के लिए तैयार सॉफ्ट टॉय प्रदर्शित किए। वह पिछले 20 वर्षों से इस काम से जुड़ी हैं और राज्य पुरस्कार से सम्मानित कलाकार हैं। उन्हें जम्मू की पहली सॉफ्ट टॉय कलाकार के रूप में भी जाना जाता है। वह स्वयं सहायता समूह चलाकर इस कला को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने स्टॉल पर खिलौने बनाने की प्रक्रिया भी दिखाई।
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खजूर के पत्तों से टोकरी बना रहीं सुनीता
सुनीता ने खजूर के पत्तों से तैयार टोकरियां प्रदर्शित कीं। उनके साथ करीब 50 महिलाएं इस हस्तकला से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने बाजार में टोकरियां बनाने की प्रक्रिया दिखाकर लोगों को पारंपरिक कला की बारीकियों से परिचित कराया।
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स्वेटर से विरासत सहेज रहीं त्रिप्ता वर्मा
त्रिप्ता वर्मा (60) ने अपने स्टॉल पर हाथ से बुने स्वेटर प्रदर्शित किए। उनका कहना है कि स्वेटर बुनने की पारंपरिक कला धीरे-धीरे कम हो रही है। वह अब तक करीब 100 महिलाओं को यह हुनर सिखा चुकी हैं। उनका उद्देश्य नई पीढ़ी को इस कला से जोड़ना और पुरानी विरासत को आगे बढ़ाना है।
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वेस्ट मटीरियल से उपयोगी उत्पाद बना रहीं प्रिया गुप्ता
आर्टिजन बाजार की आयोजक प्रिया गुप्ता ने अपने स्टॉल पर वेस्ट मटीरियल से तैयार उत्पाद प्रदर्शित किए। इनमें रिबन आर्ट से जुड़ी वस्तुएं भी शामिल थीं। उनके स्टॉल पर बेकार सामग्री का रचनात्मक इस्तेमाल कर आकर्षक और उपयोगी वस्तुएं बनाने की कला देखने को मिली।