श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर से 145 जायरीनों का पहला जत्था रविवार को हज यात्रा पर सऊदी अरब के लिए रवाना हुआ। कोरोना संक्रमण के चलते दो साल से हज यात्रा बंद थी। अधिकारियों ने कहा कि इस साल केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर से करीब 6000 श्रद्धालु हज पर जाने वाले हैं। इनमें से 5856 हज यात्री कश्मीर घाटी, जबकि अन्य दिल्ली हवाई अड्डे से रवाना होंगे।
पहले पांच दिन श्रीनगर हवाई अड्डे से जेद्दा हवाई अड्डे के लिए केवल एक सीधी उड़ान होगी, उसके बाद दो उड़ानें संचालित की जाएंगी। सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है और जायरीनों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी हजयात्रियों की कोविड -19 रिपोर्ट नकारात्मक आई है।
प्रदेश प्रशासन ने सुरक्षा एवं सुविधा को देखते हुए जेवीसी अस्पताल बेमिना में कोविड-19 जांच आरटी-पीसीआर और हज हाउस से ई-रिक्शा एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं। पहले 31 मई को ही फ्लाइट उड़ान भरने वाली थी, लेकिन बाद में इसे 5 दिनों के लिए आगे बढ़ा दिया गया।
कार्यकारी अधिकारी और भारत की हज कमेटी के सदस्य एजाज हुसैन ने सभी को झंडी दिखाकर रवाना किया। जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए श्रद्धालुओं से बातचीत की। उपराज्यपाल ने ट्विटर पर लिखा, जम्मू-कश्मीर के हज यात्रियों के पहले जत्थे के साथ बातचीत की।
हजयात्रा करने वाले लोगों को मेरी बधाई और शुभकामनाएं। मैं सफल हज यात्रा और जम्मू-कश्मीर की शांति, सौहार्द और समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं। इस दौरान संभागीय आयुक्त श्रीनगर, उप-राज्यपाल के सलाहाकर, प्रधान सचिव, आईजीपी कश्मीर, प्रमुख सचिव राजस्व विभाग व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
फारूक व उमर ने दी बधाई
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी हजयात्रियों को बधाई दी। नेकां ने ट्वीट किया, जेकेएनसी के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने यात्रा के लिए जाने वालों को बधाई दी। उन्होंने हज यात्रियों से जम्मू कश्मीर, लद्दाख में स्थायी शांति और समृद्धि के लिए विशेष रूप से प्रार्थना करने का आग्रह किया।