ज्यौड़ियां। अखनूर के गांव बल्ले द बाग माडां स्थित जंददेवता, पंजपीर तथा बुआ दाती स्थान पर रविवार को पावा बिरादरी की तरफ से मेल का आयोजन किया गया। मेल में बिरादरी के हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया और मन्नत मांगी।
मेल में बिरादरी के लोग सुबह सात बजे से ही पहुंचने लगे और दोपहर बाद मेल ने मेले का रूप धारण कर लिया। मेल के कार्यक्रम में सुबह दस बजे के करीब हवन-यज्ञ किया गया। 12 बजे के करीब बिरादरी के लोगों की बैठक हुई। इस मौके पर देवस्थान के पुजारी कालीदास पावा ने बताया कि हमारी बिरादरी की तरफ से इस स्थान पर साल में दो बार मेल का आयोजन किया जाता है। हर मेल में इसी तरह ही बिरादरी के लोग शामिल होते हैं। इस मौके पर चमन लाल, गीटन लाल, पोढू राम आदि उपस्थित रहे। इस मौके पर भंडारे का आयोजन भी किया गया।
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लखनपाल बिरादरी की कार्यकारिणी की बैठक आयोजित
अखनूर। गांव संगानी परोसती में लखनपाल बिरादरी के माता सतों देवी देवस्थान रविवार को बिरादरी के कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मंदिर निर्माण कमेटी के प्रधान राजीव कुमार लखनपाल की अगुवाई में किया गया। इसमें सदस्यों ने बिरादरी और मंदिर के उत्थान के लिए अनेक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में गांव सुंगल, तरयाई, संघानी, परोसती रूपनगर, पलवां, कल्याणपुर सहित अन्य गांवों के बिरादरी के सदस्यों ने भाग लिया। प्रधान राजीव कुमार ने कहा लखनपाल बिरादरी के देवस्थान और बिरादरी के उत्थान के लिए निर्णायक कदम उठाने होंगे। तभी मंदिर में विकास कार्य की प्रगति होगी। बिरादरी के सदस्यों का योगदान जरूरी है। इस अवसर पर सोमनाथ शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, सीताराम रामेश कुमार, अशोक कुमार, विशन दास, चिंता मनी, सुरम दास, जसवंत चंद आदि मौजूद रहे।
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जय राजा मंडलीक देव स्थान पर मेल का आयोजन किया गया
ज्यौड़ियां। पलांवाला के मोहल्ला दढखौड़ नबींबसती में स्थित जय राजा मंडलीक देव स्थान पर रविवार को स्थानीय लोगों की तरफ से मेल और भंडारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर क्षेत्र के सैकड़ों की संख्या में लोगों ने शामिल होकर जय बाबा मंडलीक देव स्थान पर माथा टेक आशीर्वाद लिया। इस मौके पर उपस्थित स्थानीय निवासी सेवानिवृत्त कैप्टन रमेश लाल, कैप्टन हरबंस लाल, सुबेदार गुलबदन सिंह भाऊ तथा कैप्टन प्रभात सिंह आदि ने बताया कि यहां पर हर साल मेल तथा भंडारे का आयोजन किया जाता है। इसमें क्षेत्र के सभी लोग बढ़चढ़ कर भाग लेते हैं। संवाद