विजयपुर। सीमलावाली में चल रही श्रीमद्भागवत कथा रविवार को कलश यात्रा के साथ समाप्त हो गई। कथा सुनने के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा वाचक संत सुषमा शास्त्री ने कहा कि राम नाम सबसे बड़ा नाम है। इसलिए राम का नाम समय-समय पर लेते रहना चाहिए। मानव के जीवन में सुखदुख आता जाता रहता है। वास्तविकता यह है कि जो आनंद भागवत कथा सुनने व सत्संग में आने से मिलता है, वह कहीं और नहीं मिलता।
कथा वाचक ने कहा कि इस युग में मनुष्य का स्वभाव है कि वह लगभग हर काम लाभ के लिए करता है। यह भी सत्य है कि भागवत कथा और सत्संग से लाभ ही मिलता है, हानि नहीं होती। जैसा वातावरण मनुष्य को मिलता है उसकी वैसी ही मनोवृत्ति हो जाती है। सुभाष शास्त्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि जहां कहीं भी सत्संग व कथा का ज्ञान रूपी प्रसाद बंट रहा हो तो थोड़ा समय निकाल कर वहां जरूर जाना चाहिए। ऐसा करने से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश हो जाता है। इस दौरान भंडारा लगाया गया।