जम्मू। विवाह एवं मांगलिक कार्यों के लिए गुरु और शुक्र तारा का उदय होना एवं शुभ मुहूर्त महत्वपूर्ण होता है। 24 फरवरी को सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर गुरु तारा पश्चिम में अस्त होगा और 26 मार्च शाम 06 बजकर 38 मिनट पर गुरु पूर्व में उदय होगा। इस दौरान विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं होते। इससे बचना चाहिए।
महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि 21 फरवरी सुबह 8 बजकर 50 मिनट से गुरु वार्धक्य शुरू होगा। 14 अप्रैल के बाद ही शुभ मुहूर्त में विवाह आदि मांगलिक कार्य फिर से शुरू होंगे। 20 फरवरी के बाद विवाह का पहला मुहूर्त 15 अप्रैल को है।